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झारखंड में भाजपा ने फिर से लहराया परचम, आजसू ने भी खाता खोला

अपनी सीट नहीं बचा पाये प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ

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Ranchi: भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के चुनाव परिणाम को झारखंड में फिर से दुहराया है. ज्यादातर एग्जिट पोल के नतीजे भी झारखंड में फिसड्डी रहे. सिर्फ आज तक की तरफ से भाजपा को झारखंड में 12 सीटें मिलने की उम्मीद जतायी गयी थी. झारखंड में भाजपा ने 13 सीटों पर और एक सीट पर सहयोगी दल आजसू ने चुनाव लड़ा था. भाजपा के निर्वतमान सांसद सह केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत, निर्वतमान सांसद वीडी राम, सुनील सिंह, निशिकांत दुबे, पीएन सिंह, विद्युत वरण महतो ने फिर से अपनी सीट बचाने में कामयाबी हासिल की है. निर्वतमान सांसद और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ अपनी सीट बचा पाने में सफल नहीं रहे. उन्हें कांग्रेस की गीता कोड़ा से मात मिलनी लगभय तय है. सिंहभूम सीट के परिणाम घोषित अभी तक नहीं किये गये हैं.

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भाजपा ने खूंटी से पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा, रांची से संजय सेठ और कोडरमा से अन्नपूर्णा देवी को प्रत्याशी बनाया था. भाजपा के इन तीनों सीटों से निर्वतमान सांसद कड़िया मुंडा, रामटहल चौधरी और रवींद्र राय को दोबारा टिकट नहीं दिया था. गिरिडीह सीट से पार्टी ने सांसद रहे रवींद्र पांडेय की जगह सहयोगी दल आजसू को टिकट दिया था. यहां से आजसू के चंद्रप्रकाश चौधरी भी अपने नजदीकी प्रत्याशी जगरनाथ महतो से काफी आगे चल रहे थे.

भाजपा के सुनील सोरेन ने झारखंड के दिशोम गुरू की सीट उनसे छीन ली है. इस तरह भाजपा के खाते में 2019 में रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, खूंटी, लोहरदगा, पलामू, चतरा, कोडरमा, गोड्डा, दुमका, धनबाद सीटों को अपने कब्जे में कर लिया है. वहीं सहयोगी दल आजसू ने गिरिडीह सीट पर कब्जा कर टैली को 12 तक पहुंचाया है. कांग्रेस के खाते में सिंहभूम और झामुमो के खाते में राजमहल सीट आयी है. झामुमो के विजय हांसदा अपनी सीट बचाने में सफल रहे हैं.

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