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#Birsa जैविक उद्यान के सुरक्षाकर्मी ने जहर खाकर की आत्महत्या, प्रबंधन पर टॉर्चर करने का आरोप

Ranchi: ओरमांझी थाना क्षेत्र स्थित बिरसा जैविक उद्यान में काम करने वाले गार्ड राजेंद्र महतो ने शनिवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली.

मृतक के परिजनों ने बिरसा जैविक उद्यान प्रबंधन पर टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए उद्यान में खूब हंगामा किया.

बताया जा रहा है कि बिरसा जैविक उद्यान परिसर से एक वाहन की चोरी होने के बाद अधिकारी लगातार उसे प्रताड़ित कर रहे थे. इससे परेशान होकर उन्होंने अपनी जान दे दी.

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क्या है मामला

मिली जानकारी के अनुसार मृतक गार्ड राजेंद्र महतो की पत्नी उर्मिला देवी ने ओरमांझी थाने में अजय कुमार, नागेंद्र चौधरी, वन क्षेत्र पदाधिकारी सहित तीन लोगों को राजेंद्र महतो की मौत का जिम्मेदार बताते हुए प्राथमिकी दर्ज करवायी है.

प्राथमिकी में उर्मिला देवी ने लिखा है कि उनके पति राजेंद्र महतो पिछले 20 सालों से बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में गार्ड के रूप में तैनात थे.

9 जनवरी को जैविक उद्यान के पार्किंग स्थल से एक बोलेरो गाड़ी चोरी हो गयी. गाड़ी चोरी होने के बाद जू प्रशासन के अधिकारियों नो लगातार राजेंद्र महतो को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया.

वाहन चोरी को लेकर राजेंद्र महतो पर यह भी दबाव डाला जाने लगा कि गाड़ी की कीमत भी गाड़ी मालिक को देनी होगी नहीं तो उसकी सैलरी से पूरे पैसे काट दिये जायेंगे.

वन विभाग के अधिकारियों की ओर से लगातार पैसे देने के दबाव की वजह से राजेंद्र महतो काफी घबरा गये और उन्होंने जैविक उद्यान परिसर में ही कीटनाशक खा लिया.

शनिवार दोपहर राजेंद्र बेहोशी के हालत में उद्यान परिसर में मिले, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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आक्रोशित ग्रामीणों ने किया हंगामा

राजेंद्र महतो की मौत की सूचना जैसे ही उनके परिजनों को मिली, परिजन और ग्रामीण आक्रोशित होकर जैविक उद्यान परिसर में पहुंच गये. वहां जमकर हंगामा किया.

जैविक उद्यान में हंगामा करने के बाद ग्रामीण अस्पताल पहुंच गये और वहां भी वन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर जमकर हंगामा किया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में जू परिसर और अस्पताल परिसर को पुलिस ने अपने घेरे में लिया और काफी समझाने के बाद आक्रोशित परिजनों को शांत करवाया.

पुलिस अधिकारियों और जैविक उद्यान प्रबंधन के साथ परिजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक अस्पताल परिसर में ही की गयी. जिसमें राजेंद्र महतो के परिजनों को यह भरोसा दिलाया गया कि पूरे मामले की जांच की जायेगी और जो भी इस मामले में दोषी होंगे उनके ऊपर कार्रवाई की जायेगी.

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