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बिरसा जैविक उद्यान : फिलहाल ZEBRA के दीदार में अभी देर

Ranchi : बिरसा जैविक उद्यान में दर्शकों को जेब्रा का दीदार फिलहाल नहीं हो सकेगा. जेब्रा के आने में देरी होगी. कोलकाता के अलीपूर जू से एक जोड़ा जेब्रा रांची लाने की योजना है. बदले में एक जोड़ा भालू और पांच सफेद मृग देने पर समझौता हुआ है. हालांकि समझौता की जानकारी दोनों उद्यान प्रशासन द्वारा केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) को दे दी गई है. जेब्रा लाने को लेकर उद्यान प्रबंधन ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को पत्र भेजा था लेकिन अभी तक इस मामले पर निर्णय नहीं हो सका है. सीजेडए का अनुमोदन मिलने के बाद जानवरों को लाने और भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी. इस बारे में उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ ओपी साहू ने बताया कि पत्र सीजेडए को भेज दिया गया है. जेब्रा के आने के बाद जू में जानवरों की प्रजाति की संख्या 86 से बढ़कर 87 हो जाएगी.

देश के गिने-चुने चिड़ियाघरों में है जेब्रा

भगवान बिरसा जैविक उद्यान में जेब्रा के आने ने पहले झारखंड में टाटा स्टील जुलॉजिकल पार्क टाटा में इजराइल के तेल अबीव से 2014 में जेब्रा लाया गया था. बिरसा जू में जेब्रा का इंक्रोजर 2008 में और आवास 2014 में बना था. जेब्रा नंदन कानन जू ओडिशा, संजय गांधी जू पटना, कोलकाता, दिल्ली और मैसूर आदि जू में है.

बिरसा जैविक उद्यान का मुख्य आकर्षण

Sanjeevani

बिरसा जैविक उद्यान का मुख्य आकर्षण वहां की हरियाली तो है ही साथ ही वहां बसे जीवजंतु हैं, जो 83 हेक्टेयर में बसे है. इनमें हाथी, सांभर, नील गाय, कोटरा, कृष्ण मृग, चीतल के अलावा सांप घर, दरियाईघोड़ा, मगरमच्छ, घड़ियाल, बन्दर, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, शेर, जंगली बिल्ली, तेंदुआ बिल्ली, साहिल, तेंदुआ, बाघ, शुतुरमुर्ग आदि शामिल है.

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