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बीरभूमः जान जोखिम में डाल कर अस्थायी पुल से आना-जाना करते हैं ग्रामीण

बांस का अस्थाई पुल दोनों जिलों के ग्रामीणों के लिए एकमात्र साधन

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Birbhum: राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कांकसा दौरे के क्रम में कांकसा के शिवपुर और बीरभूम जिले के जयदेव केंदुली के मध्य अजय नदी पर सेतु बनाने का आदेश होने के बाद से जहां निर्माण कार्य शुरू किया गया है, वहीं अजय नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण फेरी घाट बंद हो गया. ऐसे में बांस के अस्थाई पुल से दोनों जिलों के ग्रामीणों को आरपार जाना पड़ रहा है.

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जान जोखिम में डाल कर दोनों ही जिलों के ग्रामीण अपने गंतव्य स्थान पर आना-जाना कर रहे हैं. जान का खतरा बना होने के बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि और कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें बांस के अस्थाई पुल से आवागमन करना पड़ रहा है.

बताया जाता है कि कांकसा के शिवपुर से बीरभूम जिले की अजय नदी को पार कर जयदेव केंदुली के सैंकड़ों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. कामकाजी लोगों के साथ ही किसान तथा छात्र-छात्राएं इस जिले से उस जिले आवागमन करते हैं.

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ऐसे में इस एकमात्र बांस के अस्थाई पुल के माध्यम से ही लोगों को आना जाना पड़ रहा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि बांस का पुल टूट गया तो लोगों को इलम बाजार से पानागढ़ बाजार राज्य सड़क से होकर आवागमन करना पड़ेगा. ऐसे में काफी घुमावदार सफर हो जाता है तथा पैसे भी ज्यादा खर्च होते हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्थायी तौर पर पक्का पुल का निर्माण कार्य चल रहा है. संभवतः बहुत ही जल्द उक्त पुल का निर्माण कार्य हो जायेगा. पुल का निर्माण होने से दोनों जिलों के लोगों को तथा वाहनों के आवागमन में काफी सुविधा होगी.

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