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Bipodtarini Puja: जमशेदपुर में श्रद्भाभाव से पूजी जा रही मां ब‍िपद तारि‍णी, जानें क्‍या है मान्‍यता, देखें VIDEO

Jamshedpur : आज बिपद तारिणी पूजा है. आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया या पंचमी तिथि को मां बिपद तारिणी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि मां बिपदतारिणी की पूजा से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. जमशेदपुर एवं आसपास के इलाकों में भी शनिवार को मां बिपद तारिणी की पूजा बड़े धूमधाम से की जा रही है. मां बिपद तारिणी को दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है. इस मौके पर महिलाएं पूरे विधि – विधान से मां बिपद तारिणी की पूजा करती है और सुख – समृद्धि की कामना करती हैं. प‍िछले दो साल से कोरोना के कारण बिपद तारिणी पूजा सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित की जा रही थी. इस साल कोरोना का प्रभाव थमते ही धूमधाम से मां बिपद तारिणी की पूजा की जा रही है.
हर वर्ष रथ पूजा के बाद पड़ने वाले शनिवार और मंगलवार को बिपद तारिणी पूजा का आयोजन किया जाता है. पिछले दो वर्षों से वैश्विक महामारी कोरोना के चलते इस पूजा का आयोजन नहीं हो पा रहा था. महामारी का प्रकोप कम होते ही धूमधाम के साथ पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न देवी स्थलों में मां बिपद तारिणी की पूजा संपन्न हुई जहां महिला श्रद्धालुओं ने निर्जला उपवास रखकर 13 प्रकार के फलों को चढ़ा कर भगवान से अपने परिवार के सदस्यों व सगे – संबंधियों के सुख- समृद्धि की कामना की.

जुगसलाई दुर्गाबाड़ी में बड़े पैमाने पर पूजा
जमशेदपुर के प्रस‍िद्ध जुगसलाई दुर्गाबाड़ी परिसर में धूमधाम के साथ मां बिपद तारिणी पूजा का आयोजन किया गया जहां सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने एकत्रित होकर पूजा में शामिल हुईं. मंदिर के ट्रस्टी विश्वनाथ भवाई ने बताया कि रथ पूजा के अगले दिन पड़ने वाले शनिवार और मंगलवार को विशेषकर इस पूजा का आयोजन किया जाता है. इस पूजा का आयोजन विपत्तियों और बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से श्रद्धालु करते हैं. उन्होंने कहा कि इस पूजा में केवल जुगसलाई ही नहीं बल्कि जमशेदपुर के कोने-कोने से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पूजा-‍ अर्चना की.

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