West Bengal

बिप्लव मित्रा ने मांगी थी सुरक्षा, नहीं मिली तो लौट गये तृणमूल में : दिलीप घोष

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Kolkata: दक्षिण दिनाजपुर के नेता बिप्लव मित्रा व उनके भाई प्रशांत मित्रा के भाजपा छोड़ कर फिर से तृणमूल कांग्रेस में वापसी पर टिप्पणी करते हुए प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि उन लोगों ने सुरक्षा मांगी थी और जब सुरक्षा नहीं मिली, तो वे वापस लौट गये.  घोष ने शनिवार को अपने जन्मदिन पर बाबा भूतनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के बाद चाय पर चर्चा के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा, “बिप्लव मित्रा और उनके भाई भाजपा में सक्रिय नहीं थे. उनके भाजपा से जाने से हमारे संगठन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. तृणमूल के साथ विवाद होने के कारण वे भाजपा में आये थे. भाजपा में शामिल होने के बाद से उन्हें धमकियां मिल रही थीं. उन्होंने कहा कि वे सुरक्षा चाहते थे, लेकिन सभी को सुरक्षा देना संभव नहीं है. उन पर भी दवाब था.

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सभी को सुरक्षा देना संभव नहीं 

उन्होंने कहा, “राज्य में भाजपा के कार्यकर्ताओं को पीटा जा रहा है, लेकिन सभी को सुरक्षा देना संभव नहीं है. बिप्लव को अब तक इस राज्य में विपक्ष की स्थिति समझ में आ गयी होगी. राज्य के कोरोना स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा कोरोना नियंत्रण की नहीं है, वरन सरकार केवल राजनीति कर रही है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति अनियंत्रित हो रही थी, तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मदद मांगी. केंद्र सरकार ने मदद दी. इसकी पहल खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की. आज दिल्ली में कोरोना की स्थिति बहुत हद तक नियंत्रण में है, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री की मंशा कोरोना नियंत्रण की नहीं है, वरन राजनीति करने की है.

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