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रिम्स के बाहर फेंका जा रहा बायो मेडिकल वेस्ट, संक्रमण का बढ़ा खतरा

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Ranchi: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट का डिस्पोजल करने को लेकर प्रबंधन और संबंधित विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा. रिम्स के बने ट्रॉमा सेंटर के पास ही खुले में अस्पताल का बायो मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है. जो कि मरीजों के साथ-साथ स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है.

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इसके पास में है बीएसएनएल ऑफिस परिसर में कई होटल और नाश्ते की दुकान है. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि खुले में बायो मेडिकल वेस्ट फेंके जाने के कारण इस पर बैठने वाले मक्खी और कीड़े होटल और अन्य नाश्ते की दुकानों के खाद्य पदार्थों को संक्रमित कर सकते हैं. इस संक्रमित भोजन के सेवन से लोग बीमार भी पड़ सकते हैं. रिम्स प्रबंधन ने सफाई का जिम्मा निजी कंपनी अन्नपूर्णा एजेंसी को दे रखा है. जिसमें प्रत्येक माह लाखों रुपए खर्च भी आता है. लेकिन सफाई कितनी हो पाती है, इसकी मॉनिटरिंग करने में रिम्स प्रबंधन फेल नजर आता है.

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किसी काम का नहीं इनसिरेटर

रिम्स में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए इनसिरेटर लगा हुआ है. लेकिन रिम्स के सफाई कर्मियों की लापरवाही की वजह से अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट खुले में फेंक दिया जा रहा है. इस पर ना तो संबंधित सुपरवाइजर ध्यान दे रहे हैं, ना ही रिम्स प्रबंधन. रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग की ओर जाने वाले रास्ते में सड़क किनारे ही ट्रॉली पर लगाए जाने वाले चादर और अन्य बायो मेडिकल वेस्ट फेंका हुआ देखा गया.

इसे ना तो नगर निगम ने हटाना उचित समझा, ना ही रिम्स की सफाई व्यवस्था देख रही अन्नपूर्णा एजेंसी ने. रिम्स सूत्रों ने बताया कि खुले में बायो मेडिकल वेस्ट रिम्स की सफाई व्यवस्था देख रही एजेंसी के सफाई कर्मियों ने फेंके हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब व्यवस्था बनी हुई है तो उसके तहत कूड़े कचरे का निस्तारण क्यों नहीं किया जाता और आखिर इसकी निगरानी करने वाले किस प्रकार की ड्यूटी करते हैं. लाखों रुपए खर्च कर भी रिम्स व्यवस्था बनाने में नाकाम साबित दिख रहा है.

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