BiharBihar Election 2020Bihar Updates

बिहार चुनाव : राहुल का मोदी पर वार, पंजाब में दशहरे पर मोदी, अंबानी, अडाणी के पुतले क्यों जले?  

नोटबंदी के दौरान आम लोगों की जेब से पैसे निकले. गरीब के पैसे सीधे अमीरों की जेब में चले गये.  अंबानी अडाणी जैसे लोगों के लोन माफ किये गये.

Patna : राहुल गांधी ने कहा कि  दशहरे में रावण, कुंभकरण ओर मेघनाद के पुतले जलाये जाते हैं. लेकिन इस बार पंजाब में दशहरा पर पहली बार नरेंद्र मोदी, अंबानी जी और अडानी जी के पुतले जलाये गये. ऐसा पूरे पंजाब में देखने को मिला. कारण क्या है, आज भारत का किसान नरेंद्र मोदी जी का पुतला क्यों जला रहा है. यह दुख की बात है कि देश के किसान दशहरे पर देश के प्रधानमंत्री का पुतला जला रहे हैं.

Jharkhand Rai

बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तुलना रावण से करते हुए हमला किया.  राहुल गांधी वेस्ट चंपारण में चुनावी सभा में बोल रहे थे.

इसे भी पढ़ें : मुंगेर की घटना पर कांग्रेस ने नीतीश सरकार को घेरा, पूछा- क्या बिहार में मूर्ति विसर्जन करना अपराध है

मोदी ने 2014 में वादा किया था, वह बिहार की चीनी मिलों को चालू करायेंगे

इस क्रम में कहा कि पीएम मोदी ने 2014 में वादा किया था कि वह बिहार की चीनी मिलों को चालू करायेंगे और जब अगली बार आयेंगे तो यहां की मिल में बनी चीनी चाय में मिलाकर पीयेंगे. मैं पूछता हूं पीएम आपके साथ चाय पीये क्या?

साल 2006 में जो गलती नीतीश कुमार ने की, उसी गलती को पीएम मोदी ने देश भर में लागू कर दिया है. शहर का सहारा गांव होता है, गांव का सहारा किसान होता और किसान का सहारा खेत होता है. इसलिए किसान के बिना शहर नहीं चल सकता है.

इसे भी पढ़ें : बिहार चुनाव : विपक्ष का मंत्र रहा है, पैसा हजम परियोजना खत्म… पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज

मोदी जो कानून लेकर आये हैं वह भारत के किसानों पर आक्रमण है.

यह भारत की सच्चाई है. लेकिन नरेंद्र मोदी जो कानून लेकर आये हैं वह भारत के किसानों पर आक्रमण है. बिहार में 2006 में मंडी के सिस्टम और एमएसपी के सिस्टम को खत्म किया गया था. नये सिस्टम में गन्ना किसान चाहे कुछ भी कर ले उसे सही दाम नहीं मिलेगा.
यही वजह है कि बिहार के किसानों को अपना प्रदेश से बाहर जाना पड़ रहा है. जब महात्मा गांधी दुनिया की सुपर पावर से लड़ने जा रहे थे तो वह चंपारण आये, वह बिहार आये वो जानते थे कि असल भारत यहीं है.

इसे भी पढ़ें :   चिराग के बोल, नीतीश राजद  के संपर्क में, चुनाव बाद महागठबंधन के साथ चले जायेंगे…  

असल कमी नीतीश कुमार और पीएम मोदी में है

राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के युवाओं को बताया जाता है कि सपने देखो, रोजगार देखो, लेकिन रोजगार बिहार में नहीं मिलेगा, यह बंगलोर और हरियाणा में मिलेगा. ये मत सोचिए कि बिहार के किसान और युवा में कोई कमी है, असल कमी नीतीश कुमार और पीएम मोदी में है. वे सच नहीं बताते हैं,  वे केवल झूठ बोलते हैं.

नरेंद्र मोदी जी ने दो करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था. लेकिन उल्टा नौकरी से निकाल दिया, लाखों बिहारियों को देश के अलग अलग हिस्से से भगाया गया. जब मजदूर बिहार लौटे तो क्या पीने का पानी मिला, खाना मिला, बस मिला? कुछ नहीं मिला, मजदूर पैदल आये. जब मैं इन मजदूरों से मिलने पहुंचा जो उन्होंने बताया कि अगर पीएम मोदी को लॉकडाउन करना था तो दो दिन की मोहलत क्यों नहीं दी, हम घर चले जाते.

उन्होंने लॉकडाउन रात के आठ बजे झटके में क्यों दिया. लॉकडाउन और नोटबंदी का जवाब एक ही है.इसका लक्ष्य एक ही था, जो छोटे किसान हैं,  छोटे कारोबारी हैं उनके धंधे को नष्ट करना. नोटबंदी के दौरान आम लोगों की जेब से पैसे निकले. गरीब के पैसे सीधे अमीरों की जेब में चले गये.  अंबानी अडाणी जैसे लोगों के लोन माफ किये गये. लॉकडाउन के दौरान भी अमीरों के कर्जे माफ किये.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: