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बिहार चुनाव :  कांग्रेस की नजर में बिहार कूड़ेदान में तब्दील, कूड़े के ढेर पर की प्रेस कॉन्फ्रेंस

बिहार के 11 जिलों में आर्सेनिक की मात्रा पानी में इतनी अधिक है कि उसे लोगों के पीने के लिए अनुकूल और सुरक्षित नहीं माना गया है

 Patna : कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज रविवार को बिहार को एक बड़ा कूड़ेदान करार देते हुए पटना जीपीओ के पास कूड़े के ढेर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. कहा कि  नीतीश सरकार ने राज्य के लोगों को न केवल जहरीला पानी पीने के लिए विवश किया है, बल्कि राज्य के शहरों को एक बड़े कूड़ेदान में भी तब्दील कर दिया है.

सुरजेवाला ने उदाहरण दिया कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में 10 लाख के ऊपर की आबादी वाले 47 शहरों में बिहार की राजधानी पटना देश में सर्वाधिक गंदगी से भरा शहर माना गया है.

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बिहार के 26 शहर देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल

सुरजेवाला ने कहा कि एक से 10 लाख आबादी वाले 382 नगर पालिकाओं और शहरों की जो सूची जारी की गयी है उसने बिहार के 26 शहर देश के लगभग सबसे अंतिम पायदान पर गंदगी युक्त पाये गये हैं.सुरजेवाला ने  सेंट्रल मिनिस्ट्री ऑफ ड्रिंकिंग वॉटर एंड सैनिटेशन की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि  बिहार के 10 जिले ऐसे हैं जहां पानी में फ्लोराइड की मात्रा इतनी अधिक है

कि वहां का पानी इंसान के पीने के लिए सुरक्षित भी नहीं है. बिहार के 11 जिलों में आर्सेनिक की मात्रा पानी में इतनी अधिक है कि  उसे लोगों के पीने के लिए अनुकूल और सुरक्षित नहीं माना गया है.

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नल-जल योजना में झूठ और भ्रष्टाचार

सुरजेवाला ने कहा कि नल-जल योजना में भी झूठ और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है और ठेकेदारों ने जिस तरीके से करोड़ों करोड़ रुपए खर्च किये है वैसे मैं इस बात का पता लगाया जाना चाहिए कि यह सारे पैसे एनडीए द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव में तो खर्च नहीं किये ग.

इस क्रम में नमामि गंगे परियोजना की चर्चा करते हुए  सुरजेवाला ने कहा कि बिहार में नमामि गंगे परियोजना में 20% राशि खर्च नहीं की गयी और ऐसे में सरकार द्वारा किये गये तमाम दावे झूठे साबित हुए हैं.  इस साल जारी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि पटना के घरों में पीने वाला पानी जो पाइप के सहारे आता है वह पीने योग्य नहीं है.

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