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 बिहार :  चिराग पासवान फैक्टर ने जदयू का किया बंटाधार…नीतीश नाराज…सीएम बनने में संकोच…

आम भावना है कि भाजपा ने चिराग पासवान को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया.

Patna :  खबर है कि बिहार चुनाव में नीतीश कुमार अपनी पार्टी जदयू के निराशाजनक प्रदर्शन से हतप्रभ हैं और वे सीएम का पद संभालने के इच्छुक नहीं हैं. भाजपा के एक आला नेता ने  बताया कि नीतीश कुमार इस बात से काफी परेशान हैं कि चिराग पासवान ने जदयू के कम-से-कम 25 -30  उम्मीदवारो की जीत को हार में बदल दिया.

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चिराग को लेकर भाजपा से जदयू की शिकायत

जान लें कि नीतीश कुमार ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, जनता मालिक है… इंडियन एक्सप्रेस ने जदयू के एक सीनियर नेता के हवाले से कहा है कि उनकी पार्टी के अंदर आम भावना है कि भाजपा ने चिराग पासवान को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया. साथ ही कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा और जदयू के कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य नजर नहीं आया.

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बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  नीतीश कुमार के असमंजस से वाकिफ होते हुए दिल्ली के भाजपा मुख्यालय से स्थिति स्पष्ट कर दी. कहा कि बिहार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगा. सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार एलजेपी चीफ चिराग पासवान की चुनावी चाल से इतने आहत हुए हैं कि वे फिर से मुख्यमंत्री बनने में संकोच कर रहे हैं.

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भाजपा नेता मिले थे नीतीश कुमार से

नीतीश कुमार की मन:स्थिति भांपते हुए बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जयसवाल, उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार शाम नीतीश कुमार से मिले थे.

इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया गया लेकिन जदयू नेताओं का मानना था कि भाजपा नेता मायूस नीतीश का मनोबल बढ़ाने के लिए आये थे. भाजपा नेताओं के अनुसार हमने उनसे कहा कि वे सीएम बने रहें,  भले ही भाजपा गठबंधन की बड़ी पार्टनर के तौर पर उभरी हो.

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2005 के बाद जदयू का सबसे खराब प्रदर्शन

2005 के विधानसभा चुनाव से अब तक जदयू का यह सबसे खराब प्रदर्शन है. 2020 में 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए को 125 सीटें जबकि महागठबंधन को 110 सीटें मिली हैं.  भाजपा 74 सीटों के साथ एनडीए घटक दलों में अव्वल रही, जबकि जदयू 43 सीटों पर सिमट गया. वहीं, राजद 75 सीटें पाकर बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आया.  उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी को 19 सीटें और वामपंथी दलों को 16 सीटें मिली.

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