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बिहारः चमकी बुखार ने ली 152 बच्चों की जान, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

चमकी बुखार से हुई मासूमों की मौत पर कुशवाहा ने नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया, मांगा इस्तीफा

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Patna: बिहार में चमकी बुखार का कहर मासूमों पर जारी है. इस बीमारी से मरनेवाले बच्चों का आंकड़ा डेढ़ सौ को पार कर चुका है. वहीं मामले को लेकर सोमवार को देश के सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है.

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सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में मांग की गई है कि अदालत की तरफ से बिहार सरकार को मेडिकल सुविधा बढ़ाने के आदेश दिए जाएं. साथ ही केंद्र सरकार को इस बारे में एक्शन लेने को कहा जाए.

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सुप्रीम कोर्ट दो याचिकाएं दायर

सुप्रीम कोर्ट में मुजफ्फरपुर में फैले चमकी बुखार के मामले से जुड़ी दो याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इसमें कोर्ट से मांग की गयी है कि वो बिहार सरकार को मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने के आदेश दे. साथ ही केंद्र की मोदी सरकार से भी इस मामले में एक्शन लेने को कहा जाये.

गौरतलब है कि बीते बुधवार को सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई को लेकर तैयार हुआ था. मनोहर प्रताप और सनप्रीत सिंह अजमानी की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि सरकारी सिस्टम इस बुखार का सामना करने में पूरी तरह से फेल रहा है.

कुशवाहा ने नीतीश से मांगा इस्तीफा

इधर मासूमों की मौत को लेकर राजनीति भी तेज है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग की है.

कुशवाहा ने चमकी बुखार से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है.

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पटना स्थित रालोसपा के प्रदेश मुख्यालय में रविवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के लिए नीतीश को जिम्मेदार ठहराया.

और आरोप लगाया कि बच्चों की मौत के बावजूद राज्य सरकार ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. पूरी स्वास्थ्य सेवाओं को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है.

कुशवाहा ने कहा, “मुख्यमंत्री केवल आश्वासन देते हैं. उद्देश्य की पूर्ति नहीं करते. या तो आप कार्य करें या मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें.’’ उन्होंने कहा कि रालोसपा नीतीश की असफलताओं को उजागर करने के लिए सड़कों पर उतरेगी.

केवल घोषणाएं, काम नहीं- कुशवाहा

कुशवाहा ने राज्य सरकार पर चिकित्सकों के सभी स्वीकृत पदों को भरने में विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार पर स्वास्थ्य सेवा में सुधार को लेकर केवल घोषणाएं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा चार साल पहले की गई घोषणाओं को पूरा किया जाना अभी बाकी है.

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोलने के बारे में पूछे जाने पर कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (जो गृह मंत्री भी हैं) ने भी बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि यह उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है. यह प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है, उन्हें मामले का संज्ञान लेना चाहिए .

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