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भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में नंबर 1 बना बिहार

Patna: दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 40वें भारतीय अंतराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) में बिहार नंबर 1 बना है. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में सजे बिहार पैवेलियन को गोल्ड पुरस्कार हासिल हुआ है. प्रगति मैदान में आयोजित विशेष कार्य़क्रम में बिहार को गोल्ड पुरस्कार दिया गया. बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हर मोर्चे पर बिहार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार के हस्तशिल्पियों और बुनकरों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ये बहुत बड़ा सम्मान मिला है.

उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य के पारंपरिक उद्योगों से लेकर हर तरह के उद्योगों का सर्वांगीण विकास हो रहा है. देश के कई राज्यों और दूसरे देशों की भी प्रदर्शनी के बीच गोल्ड हासिल कर नंबर 1 बनना बिहार के लिए बड़ी बात है. ये सभी राज्यवासियों के लिए गौरव का विषय है.

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उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है और जिद है कि हर मोर्चे पर सफलता हासिल करनी है. बिहार उद्योग में भी नंबर वन बनेगा.

40वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में 24 राज्यों की प्रदर्शनी लगी थी. साथ ही कुछ प्रदर्शनी विदेशों से भी थे. इन सभी प्रदर्शनियों में बिहार नंबर 1 बना है. बिहार की तरफ से ये पुरस्कार रेजिडेंट कमिश्नर पलका साहनी और उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक अशोक सिन्हा ने प्राप्त किया.

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बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार के हस्तशिल्पियों और बुनकरों द्वारा बनाई गई चीजें कारीगरी, सौंदर्य और गुणवत्ता में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हैं और इसीलिए देश विदेश के लोंगों को खूब पसंद आई. बिहार पैवेलियन में दर्शकों की जबरदस्त आवाजाही रही.

उन्होंने कहा कि बिहार पैवेलियन को मिला गोल्ड पुरस्कार न सिर्फ बिहार का सम्मान है बल्कि इससे बिहार के ग्रामीण इलाकों में पूरी निष्ठा से, मेहनत और लगन से पारंपरिक हुनर, लोक कला संस्कृति को आगे बढ़ाने में जुटे हस्तशिल्पियों और बुनकरों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन मिला और वो अब और तेजी से आगे बढ़ेंगे.

बिहार की लोककलाकृतियों ने हमेशा राज्य को गौरवांवित किया है. बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कारीगरों, बुनकरों के हुनर को देश विदेश में पहचान मिल रही है, इससे बिहार के ग्रामीण इलाकों के लोगों के आगे बढ़ने के लिए और नई संभावनाएं पैदा होंगी.

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उन्होंने कहा कि बिहार पैवेलियन ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बिहार के आत्मनिर्भर गांव की तस्वीर पेश की है और आत्मनिर्भर गांव के जरिए कैसे आत्मनिर्भर बिहार का लक्ष्य हासिल हो सकता है, उसकी मिसाल पेश की है.

बिहार पैवेलियन की सबसे बड़ी खासियत रही कि यहां पर्यावरण अनुकूल चीज़ों का इस्तेमाल किया गया जिसने इसे अन्य राज्यों के पैवेलियन से अलग बनाया. इसके अलावा बिहार पैवेलियन में आने वाले हर दर्शक को ऐसा महसूस हुआ कि वो वाकई में बिहार के किसी मेले में पहुंच गया है जहां एक ओर मधुबनी पेंटिंग, मंजुषा पेंटिंग देखने और खरीदने का मौका मिला तो दूसरी ओर बिहार की पहचान भागलपुरी सिल्क की साड़ी व सूट, मटका सिल्क साड़ी व सूट, भागलपुरी चादर, एप्लिक वर्क समेत हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम के बेहतरीन उत्पाद देखऩे को मिले.

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बिहार पैवेलियन में बिहार की कला संस्कृति की झलक देखने को मिली तो यहां के युवाओं द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप के तहत तैयार किये गए उत्पादों को भी जगह मिली.

ये युवा कल को देश में ही नही विदेशों में भी अपना परचम लहरायेंगे. इस पैवेलियन में इस बार बिहार के 6 स्टार्टअप को जगह मिली जो राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर तरह की सहायता प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है.

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