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बड़ा सवाल- आखिर विधानसभा में चर्चा से क्यों भाग रहा है विपक्ष

Gyan Ranjan

Ranchi : पिछले तीन दिनों से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. पहला दिन तो शोक प्रकाश में बीत गया लेकिन पिछले दो दिनों में विपक्ष के हंगामे के कारण जनता के एक भी सवाल सदन में नहीं आये. भले ही स्पीकर ने हंगामे के बीच प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया. फलाफल शून्य ही रहा. सोमवार को प्रश्नकाल के समय दो सवाल आये लेकिन उसका उत्तर स्पष्ट नहीं रहा. जबकि दोनों ही सवाल राज्य की 65 प्रतिशत आबादी यानी युवाओं के हित से जुड़ा हुआ था. आज भी महज दो सवाल ही सदन में आये. सवाल यह उठ रहा है कि आखिर विपक्ष चर्चा से क्यों भाग रहा है.

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विरोध, प्रदर्शन लोकतंत्र का श्रृंगार है लेकिन उस श्रृंगार को अगर गलत तरीके से उपयोग किया जाये तो उसकी महत्ता घट जाती है. जैसे कान में पहनेवाले जेवर को यदि नाक में पहना जाये तो उससे खूबसूरती ही कम होगी. विपक्ष सदन के बाहर धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जता चुका होता है और फिर उसी मुद्दे पर सदन को भी बाधित करता है. क्या सदन के बाधित करने से किसी समस्या का समाधान हो सकता है. विधायकों के सवालों को देखा जाये तो कई ऐसे मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर उससे जनता प्रभावित है. इस तरह के ज्यादातर सवाल विपक्षी सदस्यों के द्वारा ही उठाये गये हैं. मामला चाहे नियोजन नीति का हो, रोजगार का हो, स्वास्थ्य और बिजली से जुड़ा मामला हो. सवाल यह उठता है जब सदन व्यवस्थित होगा तभी इन सवालों के जवाब आयेंगे. सदन के भीतर भजन कीर्तन करने से जनता का भला नहीं हो सकता. जनता का भला तब होता जब विपक्ष सांकेतिक विरोध कर सवालों के माध्यम से सरकार को घेरती. यहां तो विपक्ष ने सरकार को वाक ओवर देने का काम किया है.

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