GiridihJharkhandLead NewsTOP SLIDER

BIG NEWS : आरोपों से घिरे गिरिडीह निगम के स्वच्छता निरीक्षक को किया गया बर्खास्त

निगम अब केस दर्ज कराने की प्रकिया में जुटा, सर्टिफिकेट केस कर वेतन किया जाएगा रिकवर

Giridih :  नगर विकास मंत्रालय की प्रशासनिक निदेशक विजया जाधव ने गिरिडीह नगर निगम के स्वच्छता निरीक्षक अजीत कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया. सफाई निरीक्षक अजीत कुमार राय के खिलाफ प्रशासनिक निदेशक ने पत्र जारी कर सेवा से हटाने का आदेश जारी किया. वहीं दूसरी तरफ सफाई निरीक्षक के खिलाफ उप नगर आयुक्त को कई गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज कराने का भी निर्देश दिया.

इसके साथ ही सफाई निरीक्षक पर सर्टिफिकेट केस कर उप नगर आयुक्त को उन्हें अब तक मिले सरकार से वेतन भी रिकवर करने का भी निर्देश जारी किया है. लिहाजा, नगर आयुक्त राजेश प्रजापति भी सफाई निरीक्षक अजीत कुमार राय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई में जुट गए है.

advt

इसे भी पढ़ें :हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा , कब होगीअनुसूचित जिलों में संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति

अगले साल होनेवाले थे रिटायर

माना जा रहा है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने समेत कई और आरोपों के तहत सफाई निरीक्षक पर नगर थाना में केस दर्ज किया जा सकता है. जबकि गलत दस्तावेज पर बहाल किए गए बरर्खास्त सफाई निरीक्षक अजीत कुमार राय अगले साल 2022 के फरवरी माह में सेवानिवृत्त होने वाले थे. लेकिन इससे पहले ही गंभीर आरोपों में घिरे अजीत कुमार राय के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई हो गई.

वैसे एकीकृत बिहार में साल 1990 में नगर पर्षद में सफाई निरीक्षक के पद पर अजीत कुमार राय की बहाली हुई थी. इसके बाद से अब तक नगर विकास मंत्रालय की तरफ से उन्हें हर माह 70 हजार का वेतन दिया जा रहा था. लिहाजा, 1990 के बाद से लेकर अब 2021 तक दिए गए वेतन की रिकवरी के लिए सफाई निरीक्षक पर सर्टिफिकेट केस किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें :TMC सांसद सुष्मिता देव पर त्रिपुरा में हमला, पार्टी ने BJP पर लगाया आरोप, देखें VIDEO

पहले भी हुई थी कार्रवाई

नगर निगम के सफाई निरीक्षक के खिलाफ हुई कार्रवाई यह पहली नहीं है. निगम सूत्रों की मानें तो सफाई निरीक्षक अजीत कुमार राय की बहाली के खिलाफ एकीकृत बिहार में गिरिडीह के तत्कालीन डीसी राजेश पोद्दार ने भी कार्रवाई के लिए पत्राचार किया था. लेकिन कुछ महीनों बाद मामला शांत हो गया.

इसे भी पढ़ें :KMP एक्सप्रेस-वे पर ट्रक ने कार को रौंदा, बच्चे और 3 महिलाओं समेत 8 लोगों की मौत

कई और कर्मियों पर गिर सकती है गाज

इधर नगर निगम सूत्रों की मानें तो नगर निगम के कई और कर्मी फर्जी तरीके से नौकरी करने के आरोपों में घिरे है. इन कर्मियों के खिलाफ भी कई बार शिकायत ऊपर तक हुई है. जिनके खिलाफ शिकायतें हुई उनमें निगम के प्रधान सहायक राम कुमार सिन्हा, सहायक फाल्गुनी, निशा सिन्हा और मृत्युजंय सिंह शामिल हैं.

निगम सूत्रों की मानें तो हर कर्मियों पर अलग-अलग आरोप है. जिसमें सहायक फाल्गुनी पर आरोप है कि उनकी नियुक्ति नगर निगम में गलत तरीके से हुई है. क्योंकि वो हजारीबाग के खान पार्षद में थे. जबकि प्रधान सहायक पर फर्जी तरीके से अनुकंपा के आधार पर नौकरी करने का आरोप है. बहरहाल, सफाई निरीक्षक पर हुए कार्रवाई के बाद आरोपों से घिरे निगम के कई अन्य कर्मियों में दहशत भी देखी जा रही है.

इसे भी पढ़ें :GOOD NEWS: SAIL के 70 हजार से अधिक कर्मियों को मिलेगा 26.05 प्रतिशत वेतन-भत्ता, एनजेसीएस में हुआ समझौता

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: