JharkhandLead NewsRanchiTOP SLIDER

Big News: झारखंड में मुखिया के कार्यो की सरकार करा रही समीक्षा, दो साल में पंचायतों में सिर्फ सात फीसदी राशि खर्च

पड़ी रह गई विकास कार्यों की राशि, रांची में एक पंचायतों में खर्च नहीं हुई राशि

Nikhil Kumar

Ranchi: झारखंड सरकार त्रिस्तस्तरीय पंचायतों के कार्यो की लगातार समीक्षा करा रही है. ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति व जिला परिषद को 15वें वित्त आयोग अनुदान से दी गयी कुल अनुदान का क्रमश: 75 फीसदी, 15 फीसदी व 10 फीसदी में कितनी राशि अब तक खर्च की गयी है, इसकी रिपोर्ट ली जा रही है. 4421 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान मुखिया के कार्यो की भी लगातार समीक्षा की जा रही है. अगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए ग्राम पंचायतों में अब तक कितने विकास कार्य किए गये हैं किन-किन पंचायतों का प्रदर्शन बेहतर रहा है, इसकी भी रिपोर्ट बन रही है.

इसे भी पढ़ें : शिवहर : पूर्व केन्द्रीय मंत्री के रिश्तेदार के पहले पैर छूए फिर सीने में उतार दी तीन गोलियां

Sanjeevani

पंचायती राज विभाग ने राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग अनुदान से टाइड व अनटाइड फंडों के खर्च का लेखा-जोखा तैयार कराया है. समीक्षा में यह पाया गया है कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में पिछले दो सालों मंी न के बराबर राशि खर्च हुई है. ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना के विकास में अनटाइड फंड से की राशि के व्यय व टाइड फंड से राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन आदि में पेयजल,रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था एवं रख-रखाव से (संबंधित संस्थान में गठित समितियां जिसमें शिक्षा समिति,माता समिति आदि द्वारा) के कार्यो की जानकारी ली गयी है.

जानकारी के अनुसार राज्य के ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2020-21 में टाइड फंड-अनटाइड फंड से 67.042 करोड़ आवंटित किया गया था. वहीं, वित्तीय वर्ष 2021-22 में टाइड व अनटाइड फंड से 91.472 करोड़ मिलाकर कुल 158.514 करोड़ दो सालों में दिया गया है. जिसमें 2020-21 में मात्र 3.822 करोड़ व 2021-22 का टाइड व अनटाइड फंड से 7.806 करोड़ यानि कुल 11.318 करोड़ की राशि खर्च की गयी कुल राशि महज 7 फीसदी है. विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है और सभी ग्राम पंचायतों को अविलंब राशि खर्च करने का निर्देश भी दिया है.

इसे भी पढ़ें : JUT : झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में नियुक्ति का रास्ता साफ, अगले माह तक मिलेंगे 12 प्रोफेसर

रांची में एक भी ग्राम पंचायतों में राशि खर्च नहीं

ग्राम पंचायतों में राशि खर्च करने की सबसे खराब स्थिति रांची, पलामू, सरायकेला, लोहरदगा, कोडरमा, जामताड़ा आदि जिलों की है. रांची के बुंडू प्रखंड के एदलहातु, बुढुमु के मक्का, कांके के हुसिर, काटमकुली, सुकुरहुटू, नवाडीह, मुरी, टुटकी,रड़गांव आदि ग्राम पंचायत में फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं हो सकी है. सरायकेला में भी टेंटोपोसो-0.64 करोड़, धनबाद के बरोरा में 0.477, मधुबन-0.512, टुं

इसे भी पढ़ें : भागलपुर में प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या

डू-0.525,उपचुरिया-0.656,उकमा-0.046,कैटिना-1.053,फतेहपुर-0.630, चतरा के कोनी-0.069,बभने-0.049,टंडवा-0.052,गैंदा-0.050 ,पूर्वी सिंहभूम के मलकुंदी-0.062,बनकटी-0.061,लच्छीपुर-0.009 इत्यादि में भी राशि खर्च नहीं हो सकी है. अन्य ग्राम पंचायतों की भी स्थिति अच्छी नहीं है.

प्रशिक्षण का अभाव, नियमों में लगातार बदलाव से हुई परेशानी: विकास कुमार महतो

झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष विकास कुमार महतो ने ग्राम पंचायतों में कम राशि खर्च होने के पीछे बेहतर तरीके से प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारणों को बताया की. उन्होंने कहा कि हर तीन-चार माह में नियम बदल जा रहे हैं. राशि खर्च करने के लिए लगतार नये-नये नियम आ रहे हैं. जबकि ग्राम पंचायतों में भी उक्त राशि को कैसे किन योजनाओं में खर्च करना है इसकी जानकारी ठीक से नहीं दी जा रही है. यही वजह है कि जनप्रतिनिधियों का अधिकांश समय नियमावली समझने में बीत रहा है.

इसे भी पढ़ें :  झारखंड में फिर से बनेगी स्टार्ट अप पॉलिसी, पुरानी हो गयी लैप्स, मेंटॉर की हो रही है तलाश

Related Articles

Back to top button