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BIG NEWS : अडानी ग्रुप में 43 हजार करोड़ निवेश करने वाले 3 विदेशी फंडों के खाते फ्रिज

गौतम अडानी की अगुवाई वाले ग्रुप की मुश्किलें बढ़, कई कंपनियों के शेयर गिरे

Mumbai :  नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National Securities Depository Ltd) ने तीन विदेशी फंड्स Albula Investment Fund, Cresta Fund और APMS Investment Fund के अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं. इनके पास अडानी ग्रुप की 4 कंपनियों के 43,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर हैं. NSDL के इस एक्शन के बाद अरबपति कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप (Adani Group) के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.

सोमवार को अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर 5 से 18 फीसदी तक गिर गए. ये फंड अडानी ग्रुप की कंपनियों के शीर्ष हिस्सेदारों में शामिल हैं.अडानी एंटरप्राइजेज और निफ्टी 50-सूचीबद्ध अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन के शेयरों में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. NSDL ने अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और APMS इन्वेस्टमेंट फंड के खातों को फ्रीज कर दिया है.

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जानकारी छुपा रहे तीनों फंड्स

ये तीनों विदेशी फंड्स बदले हुए नए नियमों के तहत अपनी जानकारी अपडेट नहीं कर रहे थे. साथ ही कई महत्पूर्ण जानकारी छुपा रहे थे. वहीं, दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेबी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अडानी ग्रुप के शेयरों में प्राइस मैन्युपुलेशन किया गया है. यानी शेयरों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि किसी जोड़-तोड़ के जरिए को नहीं की गई.

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अडानी ग्रुप के शेयरों में 200-1000 फीसदी की हो रही थी बढ़ोतरी

अडानी के शेयरों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि भी रडार पर पिछले 1 साल में अडानी ग्रुप के शेयरों में 200-1000 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है. सूत्रों के मुताबिक सभी घटनाओं के बीच कनेक्शन और पूरा मामला सेबी के रडार पर है. मामले के एक जानकार ने कहा कि सेबी ने 2020 में अडानी के शेयरों में बेतहाशा तेजी के मामले की जांच शुरू की थी, जो अब भी चल रही है.

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बेनिफिशियल ऑनरशिप के बारे में पूरी जानकारी देनी जरूरी

इन तीनों फंड्स की अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन (Adani Green) में 3.58 फीसदी हिस्सेदारी है. प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बेनिफिशियल ऑनरशिप के बारे में पूरी जानकारी देनी जरूरी है. लेकिन ये फंड्स जानकारी नहीं दे रहे थे.

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मॉरिशस के Port Louis के एक ही पते पर हैं रजिस्टर्ड

बिजनेस डेली रिपोर्ट के मुताबिक, ये तीनों फंड्स सेबी में विदेशी पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स के तौर पर रजिस्टर्ड हैं. ये मॉरिशस के Port Louis शहर के एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं. इनकी कोई अपनी वेबसाइट भी नहीं है.

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शेयरों की कीमतों में छेड़छाड़ की जांच

कैपिटल मार्केट्स रेग्युलेटर ने 2019 में एफपीआई के लिए केवाईसी (KYC) डॉक्युमेंटेशन को पीएमएलए के मुताबिक कर दिया था. फंड्स को 2020 तक नए नियमों का पालन करने का समय दिया गया था.सेबी का कहना था कि नए नियमों का पालन नहीं करने वाले फंड्स का अकाउंट फ्रीज कर दिया जाएगा.

नए नियमों के मुताबिक एफपीआई को कुछ अतिरिक्त जानकारी देनी थी. इनमें कॉमन ऑनरशिप का खुलासा और फंड मैनेजर्स जैसे अहम कर्मचारियों की पर्सनल डिटेल शामिल थी. लेकिन ये तीनों फंड्स ये जानकारी नहीं दे रहे थे. सूत्रों का कहना है कि इन फंड्स और अडानी ग्रुप के शेयरों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि का कनेक्शन भी रडार पर है. अगर ये फंड्स ओनरशिप की जानकारी नहीं देते हैं तो ये मामला और गंभीर हो जाएगा.

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अडानी ग्रुप की 6 कंपनियां बाजार में हैं लिस्ट

बता दें कि अडानी ग्रुप की 6 कंपनियां बाजार में लिस्ट है. जिसमें अदानी पोर्ट और अदानी पावर भी शामिल हैं. इस खबर के चलते आज के शुरुआती कारोबार Adani Green, Adani Transmission और Adani Gas ने एनएसई पर 5 फीसदी का लोअर सर्किट हिट कर दिया. वहीं Adani Enterprises में 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.

इस बारे में एनएसडीएल, सेबी और अडानी ग्रुप को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया. Albula Investment Fund, Cresta Fund और APMS Investment Fund से संपर्क नहीं हो पाया.

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