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BIG NEWS: झारखंड में भोगता और पुरान समुदाय को मिलेगा एसटी का दर्जा, राज्यसभा में बिल पेश

New Delhi : झारखंड के भोगता और पुरान समुदाय द्वारा वर्षों से की जा रही मांग पूरी होगी. राज्यसभा में सोमवार को जनजातीय कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड राज्य से सम्बंधित संविधान अनुसूचित जातियां और अनुसुचित जनजातियां आदेश संसोधन विधेयक 2022 पेश किया. बिल में कहा गया है कि अनुसूचित जनजातियों की सूची में क्रम संख्या 16 पर भोगता, देश्वारी, गंझू, दौतलबंदी(द्वालबंदी), पटबंदी, राउत, माझिया, खैरी (खेरी) को खरवार के पर्याय के रूप में प्रविष्टि के तौर पर शामिल करना है. इसी तरह अनुसूचित जनजातियों की सूची में क्रम संख्या 24 पर मुंडा के पर्याय के रूप में तमरिया को शामिल करना है.

राज्यसभा में इस बिल के पास हो जाने के बाद झारखंड के भोगता जाति के वर्षों से लंबित मांग पूरी हो जायेगी. बिल में अनुसूचित जातियों की सूचि में क्रम संख्या 3 पर सूचीबद्ध भोगता को विलोपित करने की बात भी कही गयी है.

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मालूम हो कि अलग राज्य बनने के बाद से ही भोगता समुदाय के लोगों के द्वारा इस समुदाय को एससी से हटा कर एसटी में करने की मांग की जा रही थी.

विधानसभा में भी कई बार यह मांग उठी थी. इसको लेकर लगातार इस समुदाय के लोगों के द्वारा आन्दोलन भी किया गया था.

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अर्जुन मुंडा के केंद्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री बनने के बाद इस समुदाय के लोगों ने उनसे मिलकर इसपर पहल करने का आग्रह किया था. पिछले दिनों भी अर्जुन मुंडा से मिलकर इस समुदाय के प्रतिनिधियों ने इसपर विचार करने का आग्रह किया था.

इसपर अर्जुन मुंडा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया था कि बजट सत्र में इससे सम्बंधित बिल लाने का वह प्रयास करेंगे. गौरतलब है कि झारखण्ड की पिछली सरकार के समय ही केंद्र को भोगता जाति को एसटी में शामिल करने से सम्बंधित प्रस्ताव भेजा गया था.

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