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RMC का बड़ा खेल : नगर विकास मंत्री को पता ही नहीं, एस्सेल इंफ्रा को हटाने का भेजा गया है प्रस्ताव

न्यूज विंग से पूछे सवाल पर मंत्री ने रांची नगर निगम कठघरे में किया खड़ा

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Ranchi : रांची नगर निगम की कार्यशैली पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. इस बार यह सवाल राजधानी में सफाई का काम कर रही कंपनी आरएमएसडब्ल्यू (एस्सेल इंफ्रा) को हटाने को लेकर स्वयं नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने खड़ा किया है. दरअसल दो माह पहले ही कंपनी के कार्यों से नाराज होकर मेयर आशा लकड़ा ने उसे हटाने का प्रस्ताव पास किया था. यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास भी हो गया था.

लेकिन नगर विकास विभाग के मंत्री सीपी सिंह को निगम द्वारा कंपनी को हटाने के प्रस्ताव की अभी तक जानकारी ही नहीं है. यह बात स्वयं उन्होंने न्यूज विंग संवाददाता से पूछे गये सवाल के जवाब में दिया है. मंत्री सीपी सिंह बुधवार को निगम सभागार में कई शाखाओं के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे.

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जवाब दे निगम पर ही उठाया सवाल

सीपी सिंह से जब पूछा गया है कि, एस्सेल इंफ्रा को हटाने का प्रस्ताव तो करीब 2 माह पहले ही आया था. कुछ दिन पहले ही नगर आयुक्त मनोज कुमार ने इस संदर्भ में एक पत्र भी विभाग को लिखा है. तो क्या इस समीक्षा बैठक में मंत्री जी आह कंपनी को हटाने के संबंधित दस्तावेज को   देखना चाहते हैं और क्या इसकी जानकारी आपको नहीं है.

इसपर सीपी सिंह ने बताया कि वे न तो निगम के पदाधिकारी हैं, न ही कर्मचारी है और न ही वे पार्षद, मेयर या डिप्टी मेयर हैं. प्रस्ताव कब आया या नहीं आया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. जबतक उनके पास कोई संचिका नहीं आती है, तबतक कंपनी को हटाने का कैसे निर्णय लें.

इससे आगे सीपी सिंह ने कहा कि, अगर निगम ने कंपनी को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव भेजा भी होगा, तो विभाग को भेजा गया होगा. लेकिन विभाग से अभी तक उनके पास प्रस्ताव का कागज नहीं पहुंचा है. साथ ही कहा कि उन्हें तो समीक्षा बैठक में ही इसकी जानकारी मिली है. अब वे विभागीय सचिव से इस बारे में बातचीत करेंगे और देखेंगे कि आगे क्या करना है.

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इंजीनियरिंग शाखा के कार्य गुणवता से कोई समझौता नहीं

समीक्षा बैठक में मंत्री सीपी सिंह ने इंजीनियरिंग शाखा, सीवरेज ड्रेनेज, स्वास्थ्य शाखा, जलापूर्ति शाखा से जुड़े महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किये जा रहे सभी तरह के कार्यों में किसी भी तरह की गुणवता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

शाखा के अंतर्गत जितने टेंडर हुए हैं, या होने वाले हैं, उसके लिए निगम के पास इंजीनियरों की समस्या है. इससे कार्यों की गुणवता पर काफी असर पड़ रहा है. हालांकि इंजीनियरों की बहाली के लिए निगम को करीब 225 करोड़ रूपये दी गयी है. साथ ही मुख्यमंत्री को भी इसकी जानकारी दी गयी है. जल्द ही इस समस्या को भी समाप्त कर लिया जाएगा.

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छूटे पाइप लाइन को जल्द बिछाने का निर्देश

गर्मी के दिनों में कई वार्डों के लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. अभी निगम द्वारा इन वार्डों में 41-42 टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है. शहर के कई इलाकों में 200 के करीब डीप बोरिंग भी निगम ने कराया हुआ है. लेकिन पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है. इसका एक प्रमुख कारण पाइप लाइन सुविधा का नहीं पहुंच पाना है.

समीक्षा बैठक में जलापूर्ति शाखा को कहा गया है कि जहां भी पाइप लाइन की सुविधा नहीं पहुंच पायी है, या जहां पहले से पाइप बिछा हुआ है, लेकिन पानी नहीं आता है. वैसे स्थानों का पता लगाने का निर्देश पेयजल विभाग के अधिकारियों को दिया गया है. अधिकारी ने आश्वस्त किया है कि जून माह तक इस काम को पूरा कर लिया जाएगा. जबतक इसका समाधान नहीं हो जाता है, तबतक अन्य निजी संस्थानों के टैंकर से भी पानी पहुंचाने का काम किया जाए.

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कंपनी को हटाने से पहले हो पूरी तैयारी

सीपी सिंह ने समीक्षा बैठक में कहा कि सफाई कार्य को लेकर कंपनी को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव तो भेज दिया गया है. लेकिन जरूरी है कि पहले तैयारी पूरी कर लिया जाए. इसके लिए निगम को सख्त निर्देश दिया गया है. ताकि कंपनी के बाहर जाते के बाद डोर डू डोर कचरा उठाव में कोई कमी नहीं आए.

वहीं बारिश के मौसम को देखते हुए सीवरेज-ड्रेनेज काम में तेजी लाने का निर्देश उन्होंने निगम को दिया है. मंत्री सीपी सिंह ने बताया कि अभी शहर के सभी नालियों की सफाई का काम चल रहा है. 10 जून तक युद्धस्तर पर काम कर सभी नालियों की सफाई पूरी कर ली जाएगी.

सड़कों का निरीक्षण कर इंजीनियरों को लगायी फटकार

समीक्षा बैठक के बाद मंत्री सीपी सिंह ने निगम के बाहर बन रही सड़कों और नालियों के कार्यो की गुणवत्ता की जांच की. इस दौरान वे काफी नाराज दिखे. इंजीनियरों को सख्त लहजे में कहा है कि बारिश के मौसम में ऐसे कार्यों से गुणवता पर सवाल खड़ा होता है. संबंधित अधिकारी इस बात को नजरअंदाज नहीं करें. जल्द से जल्द सड़क और नालियों की मरम्मती कराने का काम करें.

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