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कोविड प्रोत्साहन राशि मामले में बड़ा खुलासा : मंत्री बन्ना गुप्ता के 60 लोगों में से 54 को डोरंडा ट्रेजरी से हुआ भुगतान, सरयू ने सीएम को भेजे सबूत

पूर्व मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री के भुगतान के लिए भेजे गये बिल की कॉपी सार्वजनिक की, प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी को भेजा गया यही विपत्र लैप्स हो गया

Jamshedpur : विधायक सरयू राय ने सोमवार को फिर एक नया खुलासा करते हुए कहा है कि मंत्री बन्ना गुप्ता ने जिन 60 लोगों का कोविड प्रोत्साहन राशि लेने का आदेश दिया था, उनमें से 54 के बैंक खाता में डोरंडा ट्रेजरी से भुगतान हो गया है. सरयू राय ने बताया है कि स्वास्थ्य मंत्री ने अपना सहित जो विपत्र प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी में भेजा है, वह लैप्स हो गया. सरयू राय ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र के साथ प्रमाण के रूप में मंत्री बन्ना गुप्ता का विपत्र भी संलग्न किया है. सरयू राय ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने और उनपर आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की है.

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का भुगतान बिल, जो लैप्स कर गया.

* सरयू राय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पद का दुरूपयोग किया है.

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* उन्होंने निहित स्वार्थवश कोविड प्रोत्साहन राशि की पात्रता संबंधी विभागीय संकल्प की गलत व्याख्या की है.

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* अपने एवं अपने कोषांग के अपात्र स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोविड प्रोत्साहन राशि लेने के लिए विभागीय संचिका पर जानबूझकर गलत आदेश किया है.

* अपने एवं अपने कोषांग के अन्य अपात्र स्वास्थ्य कर्मियों के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के लिए डोरंडा ट्रेजरी (कोषागार) एवं प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी (कोषागार) में स्वास्थ्य विभाग से 60 विपत्र (बिल) भिजवाया है.

 

* मंत्री के आदेश से डोरंडा ट्रेजरी में भेजे गये 54 विपत्रों का भुगतान हो चुका है. प्रोत्साहन राशि सभी संबंधित कर्मियों के बैंक खाते में जा चुकी है.

* प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी में भेजे गये 6 विपत्र लैप्स हो गये. लैप्स हुए 6 विपत्रों में से एक विपत्र माननीय मंत्री जी का खुद का है. दो विपत्र मंत्री के दो आप्त सचिवों के हैं. दो विपत्र मंत्री के दो निजी सहायकों के हैं और एक विपत्र मंत्री कोषांग के एक चर्या लिपिक का है. संदर्भ हेतु मंत्री के विपत्र की प्रति संलग्न है.

* वित्तीय अनियमितता का भंडाफोड़ हो जाने के बाद मंत्री ने दिनांक 14 अप्रैल और 15 अप्रैल, 2022 को अवकाश के दिन स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय खुलवाया, कागजातों में हेराफेरी की और अपने भ्रष्ट आचरण के सबूत मिटाने की कोशिश की.

“माननीय मंत्री स्वयं नहीं खा सके तो उनके आदेशानुसार जिन्होंने खाकर डकार लिया, उन्हें भी खाया हुआ उगलने का निर्देश मंत्री जी द्वारा दे दिया गया – सरयू राय”

“अपना विपत्र लैप्स होने की जानकारी मिल जाने के बाद मंत्री ने अवकाश के दिन 15 अप्रैल 2022 को कार्यालय खुलवाकर विभागीय संयुक्त सचिव मनोज कुमार सिन्हा से एक कार्यालय आदेश निकलवाया. जिन 54 कर्मियों के बैंक खाते में कोविड प्रोत्साहन की राशि मंत्री जी के आदेश से चली गयी थी, मंत्री जी ने अपना वह आदेश नैतिकता का हवाला देकर रद्द कराया. यह आदेश वस्तुतः मंत्री जी के भ्रष्ट आचरण का प्रमाण है.”

“इस आदेश का स्वाभाविक प्रतिफल यह होगा कि डोरंडा ट्रेजरी से जिन 54 अन्य कर्मियों के प्रोत्साहन राशि भुगतान के विपत्र स्वीकृत हो गये और राशि उनके बैंक खाते में चली गयी, उन्हें वह राशि वापस करनी होगी. यानी मंत्री स्वयं नहीं खा सके तो उनके आदेशानुसार जिन्होंने खाकर डकार लिया, उन्हें भी खाया हुआ उगलने का निर्देश मंत्री जी द्वारा दे दिया गया.”

“मंत्री एवं मंत्री कोषांग में पदस्थापित आप्त सचिव, निजी सहायक, चर्या लिपिक आदि के वेतन, भत्ता आदि का भुगतान प्रोजेक्ट भवन कोषागार से होता है. जो कर्मी मंत्री कोषांग से संबद्ध नहीं हैं, उनका भुगतान डोरंडा कोषागार से होता है. इसीलिए स्वास्थ्य विभाग ने मंत्री और उनके कोषांग में कार्यरत 6 कर्मियों का कोविड प्रोत्साहन राशि विपत्र प्रोजेक्ट भवन ट्रेजरी में भेजा और अन्य 54 कर्मियों का विपत्र नेपाल हाउस, डोरंडा ट्रेजरी में भेजा, जबकि मंत्री ने सभी को मंत्री कोषांग का कर्मी बताकर कोविड प्रोत्साहन राशि देने का आदेश किया था. यह आदेश भी मंत्री जी द्वारा बरती गई वित्तीय अनियमितता और भ्रष्ट आचरण का एक अतिरिक्त प्रमाण है.”

सरयू राय ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि उपर्युक्त विवरण के आलोक में आपकी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का भ्रष्ट आचरण प्रमाणित हो गया है. उन्होंने जानबूझकर ऐसे कर्मियों को मंत्री कोषांग का कर्मी बताया है, जो वस्तुतः मंत्री कोषांग के कर्मी हैं ही नहीं. उन्होंने स्वयं भी अपना नाम कोषांग के कर्मियों में शामिल कराकर कोविड प्रोत्साहन राशि लेने का षड्यंत्र किया और अपना भुगतान विपत्र प्रोजेक्ट भवन ट्रेजरी में भिजवाया, जबकि वे इसके पात्र नहीं हैं. उन्होंने अवकाश के दिन विभागीय कार्यालय खुलवाकर कागजात के साथ छेड़छाड़ की है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने और उनपर आपराधिक मुक़दमा चलाने की कारवाई करें.

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