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बड़ा खुलासा : ट्रैक्टर मार्च के दौरान पुलिस की वर्दी में 60 युवक बरसाने वाले थे गोलियां, जानिए क्या थी साजिश

Uday Chandra

New Delhi : गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड में गोलीबारी और हत्या की साजिश के बाद किसान नेता और सरकार दोनों सकते में हैं. एक तरफ जहां कुछ किसान नेता इस साजिश के पीछे सरकार का हाथ बता रहे हैं वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि कुछ ताकतें किसान आंदोलन और ट्रैक्टर पैरेड की आड़ में हिंसा फैलाने की तैयारी में हैं. अब तक हुए खुलासे के अनुसार पुलिस की वर्दी पहनकर 60 युवकों को ट्रैक्टर परेड में फायरिंग कर बवाल करना था.

उनकी योजना चार किसान नेताओं की हत्या की भी थी. बवाल के दौरान तिरंगा भी नीचे गिराने की साजिश थी ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दुनिया का ध्यान इस ओर खींचा जा सके और बवाल बढ़े. यह पूरा खुलासा कुंडली बॉर्डर पर पकड़े गये एक युवक ने किया है जो मूलरूप से उत्तराखंड का रहने वाला है और अभी सोनीपत में रहता है.

इसके पहले भी लोगों को भड़काने में रहा है युवक का हाथ

पूछताछ में एक और चौकंने वाला खुलासा हुआ है. करनाल में सीएम मनोहर लाल की रैली के दौरान भी इसी युवक ने पुलिस की वर्दी पहनकर लाठीचार्ज कर बवाल मचाया था. जाट आरक्षण आंदोलन में भी इस युवक के शामिल होने की बात सामने आ रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस गहरी साजिश के पाछे कौन लोग हैं. पकड़े गये युवक ने बताया कि उसे निर्देश देने वाला शख्स खुद को राई थाने का एसएचओ प्रदीप बताता था. जबकि जांच में यह बात सामने निकल कर आयी है कि इस नाम का कोई एसएचओ राई थाने में तैनात नहीं है और न ही इस नाम का कोई पुलिसकर्मी वहां हैं. बता दें कि किसानों ने कुंडली बॉर्डर से इस युवक को कल पकड़ा था.

10 हजार देकर भेजा गया था धरना स्थल

युवक ने किसानों के पास पहुंचकर बताया कि कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की सड़क के मोड़ पर लड़कियों के साथ कुछ लोग छेड़छाड़ कर रहे हैं. जब किसान वहां पहुंचे तो वहां वैसा कुछ भी नहीं था. इसके बाद किसानों को युवक पर शक हुआ और उसे पकड़ लिया गया. जिसके बाद उसने पूरा मामला बताया कि वह मूलरूप से उत्तराखंड का रहने वाला है और उसका परिवार पिछले 18 साल से सोनीपत में रहता है.

उसे दस हजार रुपये देने की बात कहकर धरनास्थल पर भेजा गया था. उसने बताया कि उसके साथ ही आठ युवक व पूजा, सुनीता नाम की दो युवतियां वहां 19 जनवरी से किसानों की रेकी कर रही हैं.उनको लैंडलाइन फोन से निर्देश दिए जाते हैं तो प्रदीप सिंह नाम का युवक खुद को राई थाने का एसएचओ बताकर वर्दी में उनसे कुंडली के पास मिलता है. उनको दस-दस हजार रुपये मिलने थे और उनको केवल यह देखकर बताना था कि किसानों के पास हथियार है या नहीं. इसलिए ही उसने लड़की के साथ छेड़छाड़ होने की बात कही थी कि किसान तुरंत हथियार लेकर आ जाएंगे.

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ट्रैक्टर परेड में आने वाले थे 60 युवक

युवक ने बताया कि उनका काम अभी रेकी करना था तो ट्रैक्टर परेड से पहले यहां 60 युवक आने हैं. उसने बताया कि युवक पुलिस की वर्दी में रहेंगे और उनके पास हथियार भी रहेंगे. वह हथियार उनको कुंडली में 23-26 जनवरी के बीच एक रेस्टोरेंट के पास दिए जाने हैं. उनको किसान परेड में लाठीचार्ज करने के साथ ही पहले हवाई फायरिंग करनी है और उसके बाद सीधे गोली मारनी है. इसके साथ ही तिरंगा भी गिराने की साजिश रची गयी. जिससे वहां बवाल हो जाए और दंगा शुरू हो जाए. किसानों ने युवक का नाम सार्वजनिक करने से इसलिए इंकार कर दिया कि क्योंकि इससे परिवार को जान का खतरा हो सकता है.

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युवक को दी गयी थी ट्रेनिंग

धरनास्थल से पकड़े गये युवक ने बताया कि उसे सोनीपत के गीता भवन चौक पर रहने वाले सुमित ने कई साल पहले प्रदीप से मिलवाया था. उसके बाद से वह उनके लिए काम कर रहा है. उसने बताया कि इसके लिए उनको दो बार ट्रेनिंग भी मिली थी कि किस तरह से काम करना है, लेकिन युवकों को ट्रेनिंग अलग-अलग ग्रुप में दी गयी थी. उनको कहा जाता था कि पंजाब के रहने वाले हमारे दुश्मन है और यह दिल्ली में बवाल करने जाना चाहते हैं. इसके साथ ही यह कहा जाता था कि यह आंदोलन भी गलत है और इसमें कांग्रेसी लोग शामिल हैं. उस युवक ने बताया कि राठधना गांव के युवकों को फायरिंग के लिए बुलाना था.इस मामले में पुलिस गहनता के साथ जांच कर रही है. डीएसपी क्राइम ब्रांच हंसराज सिंह आरोपी योगेश से लगातार पूछताछ कर रहे हैं.

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