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उद्योग नहीं लगाने पर बड़ी कार्रवाई: मेसर्स भलोटिया इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड से 5.63 एकड़ जमीन ली जायेगी वापस

मूल रैयत को लौटायी जायेगी जमीन 0

Ranchi: राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर (जमशेदपुर) की कंपनी भलोटिया इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड से 5.63 करोड़ जमीन वापस लेने का फैसला लिया है. अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चंपई सोरेन की अध्यक्षता में गठित सीएनटी एक्ट के तहत जमीन विवाद मामलों पीठ की सुनवाई में यह फैसला लिया गया.

इसमें यह पाया गया कि उक्त कंपनी ने उद्योग स्थापित करने के लिए जमशेदपुर में जमीन सरकार से ली थी. लेकिन इस जमीन में उद्योग न लगाकर दूसरे कार्यो में उपयोग किया जा रहा था.

राजस्व एवं निबंधन, भूमि सुधार सचिव एल.खियांग्ते ने पत्रकारों को बताया कि सीएनटी की धारा 49 बी के तहत यह कार्रवाई की गयी है और यह जमीन मूल रैयत बिजॉय सिंह (खूंटाडीह, थाना सोनारी) को वापस की जायेगी.

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छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) के तहत जमीन विवाद के मामलों की सुनवाई अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण सह परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने की. उनके निर्णयों को कार्यपालक नियमावली के तहत राज्यपाल व मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया जाता है. उनका निर्णय अंतिम होता है.

अनुमति के बाद विवादित जमीन आदिवासियों को वापस होगी. भू-राजस्व विभाग ने मंत्री चंपई सोरेन को सीएनटी एक्ट की धारा 49 (5) के तहत आदिवासियों की भूमि वापसी की सुनवाई व निष्पादन के लिए पीठासीन पदाधिकारी के रूप में प्राधिकृत किया गया है.

सीएनटी एक्ट की धारा 49 (5) के तहत अनुसूचित जनजाति की भूमि की वापसी का प्रावधान सरकार की तरफ से किये जाने का प्रावधान है.

सीएनटी एक्ट में प्रावधान है कि आदिवासी जमीन जिस उद्देश्य के लिए हस्तांतरित गयी है, अगर उसका उल्लंघन हो रहा है, तो उसे वापस किया जायेगा.

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