न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

भीमा-कोरेगांव हिंसा : एक्टिविस्‍ट्स को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने नजरबंदी चार सप्‍ताह बढ़ाई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एक्टिविस्‍ट्स चाहें तो राहत के लिए ट्रायल कोर्ट का सहारा ले सकते हैं. विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग ठुकरा दी गयी

110

NewDelhi : भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार पांच एक्टिविस्‍ट्स को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी  गिरफ्तारी में दखल देने से मना कर दिया है.  सुप्रीम कोर्ट ने पांचों एक्टिविस्‍ट्स की नजरबंदी चार सप्‍ताह के लिए बढ़ा दी. इस क्रम में कहा कि एक्टिविस्‍ट्स चाहें तो राहत के लिए ट्रायल कोर्ट का सहारा ले सकते हैं. साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग  ठुकरा दी गयी. पुणे पुलिस को आदेश दिया कि वे जांच की दिशा में आगे बढ़ें. बता दें कि अगस्त में पी वरवर राव, वरनॉन गोंजाल्वेस, अरुण फरेरा, सुधा भारद्वाज व गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस ने कोर्ट के समक्ष आरोप लगाया कि पांचों गिरफ्तार एक्टिविस्‍ट्स ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के साथ मिलकर केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने और पीएम नरेंद्र मोदी का शासन खत्म करने के लिए राजीव गांधी  की तर्ज पर उनकी हत्या को अंजाम देने की साजिश रची. पुलिस ने इससे संबंधित दस़्तावेज भी प्रस़्तुत किये.

इसे भी पढ़ेंः गृहमंत्रालय के निर्देश पर अब अमित शाह को राष्ट्रपति, पीएम मोदी जैसी सुरक्षा मिलेगी

मोदी की हत्या की साजिश के उल्लेख करने वाला पत्र बरामद किया गया था

बता दें कि पुणे पुलिस ने जून में कथित तौर पर पांच लोगों में से एक एक्टिविस्‍ट्स के घर से मोदी की हत्या की साजिश के उल्लेख करने वाला एक पत्र बरामद किया था. पत्र नक्सल नेता प्रकाश को संबोधित था और इसे एक्टिविस्‍ट रोना जैकब विल्सन के पास से बरामद किया गया था, जब उन्हें दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था.पत्र में कथित तौर पर पीएम मोदी की हत्या पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तर्ज पर करने की बात कही गयी थी.  पत्र लेखक की पहचान सिर्फ आर के रूप में की गयी.  यह भी कहा गया कि पत्र में एक एम-4 राइफल व चार लाख चक्र कारतूस खरीदने के लिए आठ करोड़ रुपये की जरूरत का जिक्र किया गया था.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: