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भीमा-कोरेगांव : भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर को रैली की अनुमति नहीं,  बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी मना किया

महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में पिछले साल एक जनवरी को भड़की हिंसा की बरसी को लेकर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को भीमा-कोरेगांव स्मारक स्थल पर पहुंचने से पहले ही रोक ले लिया गया.

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Mumbai : महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में पिछले साल एक जनवरी को भड़की हिंसा की बरसी को लेकर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को भीमा-कोरेगांव स्मारक स्थल पर पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया. बता दें कि प्रशासन ने चंद्रशेखर को भीमा-कोरेगांव में रैली करने की अनुमति नहीं दी है. इस क्रम में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा भी चंद्रशेखर आजाद को रैली करने की अनुमति नहीं दी गयी है. जान लें कि चंद्रशेखर आजाद रविवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पुणे पहुंचे थे. भीम आर्मी के समर्थक नितिन सातपुते ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर  रैली के आयोजन की अनुमति मांगी थी. पुणे पुलिस पर चंद्रशेखर आजाद को हिरासत में लेने का आरोप भी लगाया था. खबरों के अनुसार बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस संबंध में सुनवाई करते हुए पुणे पुलिस को चार जनवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा है. इस क्रम में पुणे पुलिस ने अदालत को बताया कि आज़ाद न तो पुलिस हिरासत में थे और न ही उन्हें नजरबंद किया गया है. अदालत में प्रशासन ने रैली करने की अनुमति नहीं देने की बात कही है.

खबर आयी थी कि भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया है

इससे पहले शुक्रवार को खबर आयी थी कि भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और मलाड के होटल मनिला में नजरबंद कर रखा गया है. पुलिस ने इन आरोपो से इनकार किया. बता दें कि शनिवार को चंद्रशेखर मुंबई के आजाद मैदान में एक रैली को संबोधित करने वाले थे. आयोजकों को प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के वजह से रैली रद्द कर दी गयी. जान लें कि पिछले साल एक जनवरी को उस वक्त हिंसा भड़क उठी थी, जब दलित समाज के लोग ईस्ट इंडिया कंपनी के सैनिकों की पेशवा की सेना पर हुई जीत की 200वीं जयंती मनाने कोरेगांव भीमा गये थे. अंग्रेजों की सेना में दलित महार सैनिक भी शामिल थे. इस कार्यक्रम में दलित नेता जिग्नेश मेवानी सहित कई लोग शामिल हुए थे. उस समय हिंसा भड़क गयी थी.

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