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चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग को लेकर संसद मार्ग पहुंचे भीम आर्मी के 5 लाख कार्यकर्ता

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की सरकार बहुजन के हर संवैधानिक हक को खत्म कर देना चाहती है

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Delhi:  रविवार को दलित संगठन भीम आर्मी के 5 लाख कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन किया. 2017 में हुए सहारनपुर जातिय हिंसा के बाद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण जिला जेल में बंद है. रावण पर उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा रासुका का मुकदमा दर्ज कर कारवाई की जा रही है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा गलत तरिके से रासुका कारवाई को बार-बार आगे बढ़ा दिया जा रहा है. जिसके कारण भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उत्तरप्रदेश समेत पुरे देश के दलितों में भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश है.

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जंतर-मंतर में किए गए प्रदर्शन का नाम बहुजन संकल्प महासभा रखा गया था. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में भारत गृह युध्द जैसी परिस्थितियों से जूझ रहा है. अगर सरकार ने इस दिशा में जरूरी कदम नहीं तो देश में जातिवादी और सांप्रदायिक हिंसा भड़क सकती है. ज्ञात है कि एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में देशभर में बहुजन संगठनों ने आंदोलन करते हुए दो अप्रैल को भारत बंद किया था. भारत बंद के दौरान बीजेपी व आरएसएस के प्रशिक्षित लोगों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाकर बहुजन समाज को बदनाम करने का काम किया. एक साजिश के तहत छदम प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की मदद से उकासाकर हिंसा की गई.

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भीम आर्मी प्रदेश प्रवक्ता तुषार (फाइल फोटो)
भीम आर्मी प्रदेश प्रवक्ता तुषार (फाइल फोटो)

झारखंड से 1000 कार्यकर्ता थे मौजूद

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इस संकल्प सभा में झारखंड से लगभग एक हजार कार्यकर्ता दिल्ली गए थे. भीम आर्मी झारखंड प्रदेश प्रवक्ता तुषार ने कहा कि एक जनवरी 2018 को भीमा कोरेगांव में शौर्य दिवस समारोह के दौरान हुई हिंसा के जिम्मेदार संभाजी भिड़े को महाराष्ट्र व केंद्र सरकार का समर्थन प्राप्त होता है. और मई 2017 में सहारनपुर हिंसा में भीम आर्मी के बेगुनाह कार्यकर्ताओं पर झुठे मुकदमें व संगठन के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ जाकर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई. यह साफ दर्शाती है कि यह मनुवादी और पूंजीवादी सरकार देश के बहुजन समाज के मनोबल को तोड़ना चाहती है. यह राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की सरकार बहुजन के हर संवैधानिक हक को खत्म कर देना चाहती है.  झारखंड से मुख्य रूप से रंजित कुमार, भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष नान्हू राम, रंजन पासवान मौजूद थे.

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निम्नलिखित मांगो को लेकर भीम आर्मी ने किया प्रदर्शन

  • भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद समेत उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज के सभी साथियों  पर नागरिक अधिकारों व संवैधानिक मूल्यों को दरकिनार करते हुए लगाई गई रासुका अविलम्ब निरस्त की जाए.
  • भीमा कोरेगांव हिंसा के मास्टरमांइड संभाजी भिडें समेत सभी आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई हो और झूठे आरोप में पकड़े गए सभी साथियों को रिहा किया जाए और इस प्रकरण में महाराष्ट्र बंद के दौरान बहुजन समाज पर लगाए गए सारे मुकदमें वापस लिए जाए.
  • दो अप्रैल भारत बंद के दौरान पूरे देश में बहुजन समाज पर लगाए गए सारे झूठे मुकदमें वापस लिए जाएं और मृत युवाओं के परिवार वालों को उचित मुआवजा दिया जाए.  

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