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भिलाई स्टील ब्लास्टः प्लांट के जेनरल मैनेजर समेत चार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

NHRC ने इस्पात मंत्रालय और सेल प्रमुख को जारी किया नोटिस

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Raipur: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र में हुए हादसे को लेकर पुलिस ने प्लांट के चार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इस हादसे में हुए 13 कर्मचारियों की मृत्यु के बाद पुलिस ने संयंत्र के कार्यपालक निदेशक:संकार्य: पीके दास, महाप्रबंधक (कोक ओवन) जीएसवी सुब्रमण्यम, उप महाप्रबंधक उर्जा विभाग नवीन, प्रबंधक सुरक्षा एवं अग्नि विभाग पी पांड्या राजा के खिलाफ मामला दर्ज कर किया है. इधर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस्पात मंत्रालय के सचिव और सेल के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है.

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चार अधिकारियों के खिलाफ केस

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के कथन और उपसंचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के द्वारा दी गई प्राथमिक जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के अवलोकन से पाया गया कि संयंत्र में सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया.

भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने बताया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए इस्पात मंत्रालय ने भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य कार्यकारी (सी.ई.ओ) को काम-काज से अलग कर दिया है. उनके स्थान पर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित इस्पात संयंत्र के सीईओ अरूण कुमार रथ की नियुक्ति की गई है. साथ ही दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलम्बित भी किया गया है जिनमें महाप्रबंधक (सुरक्षा) और उप महाप्रबंधक (ऊर्जा) शामिल हैं.

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NRHC ने भेजा नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस्पात मंत्रालय के सचिव और सेल के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है. आयोग ने एक बयान में कहा कि उसने इस्पात मंत्रालय के सचिव और सेल के अध्यक्ष से घटना की जांच, यदि उसका आदेश दिया गया हो, साथ ही प्रभावित परिवारों के राहत एवं पुनर्वास एवं घायलों के इलाज को लेकर उठाये गये कदमों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
साथ ही आयोग ने यह भी जानना चाहा है कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए क्या-क्या उपाय किये गये हैं. वही दुर्ग के पुलिस अधीक्षक को इस मामले में दर्ज की गयी प्राथमिकी का ब्योरा और जांच की स्थिति से अवगत कराने को कहा गया है. मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से चार हफ्ते में जवाब मांगा गया है.

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ज्ञात हो कि 9 अक्टूबर को भिलाई इस्पात संयंत्र के रखरखाव के दौरान गैस कोक ओवन बैटरी कॉम्प्लेक्स 11 पर गैस पाइपलाइन में आग लग गई थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए थे.

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