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राजनीति से परे कांग्रेस का डिनर, चर्चा शैव, ताओ, बुद्ध, जैन व आदि शंकराचार्य की…

मंगलवार आठ जनवरी कांग्रेस के लिए महत़्वपूर्ण दिन था. इस दिन संसद सत्र समाप्त होने के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को डीनर पर बुलाया था

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NewDelhi : मंगलवार आठ जनवरी कांग्रेस के लिए महत़्वपूर्ण दिन था. इस दिन संसद सत्र समाप्त होने के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को डीनर पर बुलाया था. संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग में  डिनर कार्यक्रम हुआ. वहां मुख्य टेबल के पास बैठे पार्टी के वरिष्ठ नेता भोजन के साथ चर्चा में मशगूल थे. मजेदार बात यह कि कांग्रेसियों के बीच 2019 लोकसभा चुनाव की रणनीति या फिर 2018 में तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में जीत पर चर्चा न होकर दर्शनशास्त्र और धर्म पर हो रही थी. जानकारी दी गयी कि गंभीर और गहरे विषयों पर चर्चा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुरू की. वे शैव और ताओ विचारधारा की तुलना कर रहे थे. इसके अलावा बुद्ध, जैन व आदि शंकराचार्य के साथ महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध के अहिंसा आंदोलन के बीच के फर्क पर विचार रखे थे.

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चर्चा अध्यात़्म की दिशा में चली गयी

बस फिर क्या था. चर्चा अध्यात़्म की दिशा में चली गयी. बताया गया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर, आनंद शर्मा और कुमार केतकर भी उस दौरान चर्चा में शामिल हो गये. इस क्रम में सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सभी की बातें शांतिपूवर्क सुन रहे थे. बता दें कि संसद के हर सत्र के बाद सोनिया गांधी, पार्टी सांसदों को डिनर पर निमंत्रित करती रहीं हैं. मंगलवार आठ जनवरी को संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन डिनर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह डिनर काफी महत़्वपूर्ण था. क़्योंकि आम चुनाव सर पर है. कांग्रेस आम चुनाव से पहले अपने सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को एकजुट करना चाहती है.  डिनर कार्यक्रम से बेहतर मौका कौन हो सकता था.

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