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बेरमोः न्याय की आस में थाना परिसर में एक परिवार का अनिश्चितकालीन धरना

दिसंबर 2018 को हुई थी तारा महतो की हत्या, मामले में पुलिस के हाथ खाली

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Bermo: बेरमो अनुमंडल के पेंक नारायणपुर थाना परिसर में एक परिवार न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठा है. दरअसल, 19 दिसंबर 2018 को तारा महतो की पत्थर से कूचकर हत्या कर दी गई थी. लेकिन मर्डर के दो महीने बाद भी इस मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं. अब हत्यारे की गिरफ्तारी को लेकर परिजन छोटे-छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठ गया है.

दो महीने पहले हुई थी हत्या

पेंक नारायणपुर थाना अंतर्गत कंजकिरो पंचायत के पिलपिलो निवासी सह झामुमो नेता देवनारायण महतो के छोटे भाई तारकेश्वर महतो उर्फ तारा महतो की हत्या 19 दिसंबर 2018 की रात अपराधियों ने पत्थर से कूच कर कर दी थी. उनका शव पास के ही खेत में फेंक दिया गया था. लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी बेरमो पुलिस आजतक ना हत्यारे को पकड़ पायी है,ना ही कोई ठोस सुराग हाथ लगा है.

न्याय की आस में धरना

थाना परिसर के बाहर हत्यारे की गिरफ्तारी तथा हत्याकांड का खुलासा करने की मांग को लेकर मृतक तारा महतो के परिजन गुरवार की सुबह नौ बजे से धरना पर बैठ गये हैं. मृतक के परिजनों और उनके छोटे बच्चों के हाथों में हत्यारे की गिरफ्तारी, हत्याकांड का खुलासा करने को लेकर तख्ती लिये बैठे हैं.

ज्ञात हो कि हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 1 फरवरी को सपरिवार पिलपिलो फुटबॉल मैदान में एक दिवसीय धरना दिया था. धरना के बाद बेरमो के पुलिस सर्किल इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत एवं पेक नारायणपुर थानेदार संदीप कुजूर ने परिजनों को आश्वस्त किया था कि 15 दिनों में पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार कर लेगी. लेकिन हत्या के दो माह बाद भी पुलिस ना तो हत्यारे को गिरफ्तार कर पायी है और ना ही हत्याकांड का खुलासा ही कर पारी है.

पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजनों का कहना है कि हत्याकांड के बाद दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपियों ने ही तारा महतो की हत्या की है. बावजूद इसके पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है. आमरण अनशन पर बैठने वालों में मृतक का भाई देवनारायण महतो, माता गंगिया देवी, पत्नी धानेश्वरी देवी, भाभी मुनिया देवी सहित मृतक के पुत्र व पुत्री शामिल हैं.

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