DhanbadKhas-Khabar

पद-पावर की धौंस दिखा बीडीओ ने पत्नी के इलाज के लिए डॉक्टर को आधी रात बुलाया, शोकॉज

Dhanbad: जिले के गोविंदपुर बीडीओ सुशील कुमार राय के खिलाफ झासा और आइएमए ने मोर्चा खोल दिया है. आधी रात को एक डॉक्टर को अपने घर बुलाने और उनसे दुर्व्यवहार के मामले को लेकर डॉक्टर्स ने बीडीओ को 24 घंटे के अंदर बर्खास्त करने की मांग डीसी से की है.

साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर पूरे झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर देने की चेतावनी दी गयी है. इधर मामले को लेकर उप विकास आयुक्त शशि रंजन ने बीडीओ को शोकॉज किया है.

इसे भी पढ़ेंःअसमः मुस्लिम युवकों को पीटा, जबरन लगवाये जय श्रीराम-पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे, FIR दर्ज

Sanjeevani

क्या है पूरा मामला

दरअसल गोविंदपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी की पत्नी की तबीयत खराब थी. और बुधवार की रात दस बजे के आसपास बीडीओ ने सीएचसी के डॉक्टर, डॉ आनंद से बात की. डॉ आनंद ने उन्हें पत्नी को लेकर सीएचसी आने को कहा.

जिसके बाद अपने पोस्ट का रौब दिखा कर जिला प्रशासन के अधिकारियों को फोन लगाना शुरू कर दिया. जिसके बाद रात एक बजे के आसपास डीसीसी के निर्देश पर केंदुआडीह के डॉ राजकुमार सिंह बीडीओ के आवास पहुंचे.

डॉ राजकुमार का आरोप है कि पदाधिकारी के आवास पर पहुंचने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्हें बीडीओ आवास के अंदर भी जाने नहीं दिया गया.

डॉक्टर का कहना है कि बीडीओ नशे में थे, वह जिला प्रशासन के अधिकारी को भी अपशब्द कर रहे थे. अपशब्द कहते हुए बीडीओ की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी है.

इसे भी पढ़ेंःदर्द-ए-पारा शिक्षक: इच्छाओं को मारकर जीते हैं, दाल अगर बनी तो सब्जी नसीब नहीं

मामले पर आइएमए गंभीर

बीडीओ की इस हरकत को आइएमए और झासा के स्टेट के पदाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है. इस संबंध में गुरुवार को आइएमए व झासा के पदाधिकारी सविल सर्जन से भी मिले. दिनभर घटना को लेकर चिकित्सक समुदाय में आक्रोश व्याप्त रहा.

पूरी घटना को लेकर डॉक्टर्स ने साफ कर दिया है कि 24 घंटे के भीतर प्रखंड विकास पदाधिकारी को बर्खास्त किया जाये. और कार्रवाई नहीं होने की सूरत में आंदोलन की बात भी डॉक्टर्स कर रहे हैं.

अफसर के घर नहीं जायेंगे डॉक्टर- झासा

आइएमए और झासा का कहना है कि चिकित्सक किसी अफसर के घर जाकर इलाज नहीं करेंगे. इसके बाद भी अगर जबरन कोई अफसर रात या दिन में डॉक्टर को बुलाते हैं, तो यह उनकी जिम्मेदारी होगी.

डॉक्टर के खिलाफ किसी भी तरह की कोई घटना होती है, तो अफसर को जिम्मेदारी लेनी होगी.  जैसे आम लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल आते हैं, उन्हें भी आना चाहिए.

आइएमए के जिला सचिव व डा. सुशील कुमार ने कहा कि बीडीओ को 24 घंटे में बरखास्त किया जाये. जब एक डॉक्टर के साथ वो इस तरह से पेश आ सकते हैं, तो आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे.

इसे भी पढ़ेंःबिहार : 16 जिलों में फैले चमकी बुखार से 136 बच्चों की मौत

Related Articles

Back to top button