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बैटल ऑफ 2019 :  राजनीतिक विश्लेषकों का कयास, 2014 के मुकाबले 80-90 सीटें खो सकती है भाजपा

2019 के लोकसभा चुनाव खासे दिलचस्प होने जा रहे हैं. राजनीतिक दलों, मीडिया ग्रुपों, राजनीतिक विश्लेषकों, सभी के अपने-अपने आकलन हैं. देश के अलावा विदेशों में भी लोकसभा चुनाव की गूंज सुनाई देगी.

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NewDelhi : 2019 के लोकसभा चुनाव खासे दिलचस्प होने जा रहे हैं. राजनीतिक दलों, मीडिया ग्रुपों, राजनीतिक विश्लेषकों, सभी के अपने-अपने आकलन हैं. देश के अलावा विदेशों में भी लोकसभा चुनाव की गूंज सुनाई देगी. मोदी का जादू चलेगा या फिर इतिहास में खो जायेंगे मोदी, यह भारत के करोड़ों मतदाता तय कर देंगे. मतदाता तो बाद में अपना फैसला सुनायेंगे, लेकिन दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गयी है कि मोदी का करिश्मा उतार पर है. दिल्ली के विश्लेषक मगजमारी कर रहे है कि क्या नरेंद्र मोदी 272 का आंकड़ा पार कर पायेंगे?  विश्लेषक मान रहे हैं कि भाजपा 2014 के मुकाबले में कम से कम 80-90 सीटें खो देंगी.  द इंडियन एक्प्रेस में छपे कॉमी कपूर के कॉलम इनसाटइ ट्रेक की मानें तो यूपी में  2014 के आंकड़ों के अनुसार  सपा और बसपा का वोट शेयर संयुक्त रूप से दोनों दलों की झोली में 41 सीटें डालेगा.

भाजपा 40 से भी कम सीटें जीत पायेगी. राजस़्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम पर नजर डालें तो भाजपा को हिंदी बेल़्ट में 30 और देश में 20 अन्य सीटों पर भी हार का स्वाद चखना पड़ सकता है. इसकी भरपाई शेष भारत से  पूरा करना मुश्किल होगा. हालांकि अमित शाह पूर्व दिशा में में बेहतर परिणाम की आशा कर सकते हैं.  लेकिन शेष बचा दक्षिण का किला बेहद कठिन है.

यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन हो चुका है, भाजपा बैचेन है

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2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन हो चुका है. इससे भाजपा बैचेन है.   राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ इसे अवसरवादी, भ्रष्ट और जातिवादी बता रहे है.  सपा-बसपा मिलकर चुनाव लड़ने वाले हैं तो इसका असर चुनाव के परिणामों पर भी पड़ना लाजिमी है. एक तो गठबंधन को ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद है. साथ ही गठबंधन से भाजपा के कई कद्दावर नेताओं को हार का सामना करना पड़ सकता है. चर्चा है कि 2019 का बैटल जीतने के लिए मोदी सरकार कुछ योजनाएं ला रही हैं. साथ ही पहले से चल रही योजनाओं का विस्तार कर रही है. बता दें कि मोदी सरकार ने 10 जनवरी को राष्ट्रीय बिक्री कर नियमों में बदलाव की घोषणा की, जिससे  20 लाख छोटे व्यवसायियों को छूट मिलेगी. 40 लाख तक वार्षिक बिक्री वाले व्यवसायों को माल और सेवा कर (GST) से छूट दी गयी है. पहले यह 20 फीसदी थी.  सूत्रों के अनुसार किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की प्लानिंग पीएम मोदी कर रहे हैं. इसके अलावा हाल ही में सामान्य वर्ग के 10 फीसदी आरक्षण भी लागू कर दिया गया.

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