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कोडरमा में बैंक चोरी के आरोपियों को मिली 5-5 साल सश्रम कारावास की सजा

Koderma: जिले के बैंक ऑफ इंडिया चाराडीह मे चोरी करने के दो आरोपियों को मंगलवार को सजा सुनायी गयी है. सजा पाने वालों में रजनीश कुमार तुरी उर्फ रजनीश राम (25 वर्ष, पिता मनोज राम, साकिन गोसाईंटोला डोमचांच) एवं सिंटू कुमार मेहता (19 वर्ष, पिता लखन लाल मेहता, साकिन शिव सागर, डोमचांच) शामिल हैं. कोडरमा थाना कांड संख्या 203/2016 दिनांक 12.09.2016 के मामले की सुनवाई के पश्चात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय तरुण कुमार की अदालत ने मंगलवार को अंडर सेक्शन 25 (1-ए) 35 आर्म्स एक्ट एक्ट के तहत दोषी पाते हुए दोनों को 5-5 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 5-5 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया. जुर्माना नहीं दिए जाने पर आरोपियों को 1-1 वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी. वही अंडर सेक्शन 26/ 35 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए 3-3 साल सश्रम कारावास व 2 हजार जुर्माना लगाया गया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर छह- छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
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क्या है मामला
कोडरमा के तत्कालीन थाना प्रभारी आनंद मोहन सिंह को सूचना मिली थी कि बैंक में चोर घुस आए हैं. सूचना के आधार पर रात्रि करीब 11 बजे बैंक ऑफ इंडिया को कोडरमा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस द्वारा घेर लिया गया. बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर एवं कर्मचारी को सूचना देकर चाबी लेकर आने को कहा गया. गवाहों की उपस्थिति में जब बैंक मेन गेट को खोला गया और जांच की गई तो आरोपियों को बैंक के अंदर पकड़ा गया जबकि दूसरा बाहर में पकड़ा गया. अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक पीपी मंडल ने किया. इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया. लोक अभियोजक पीपी मंडल ने कार्रवाई के दौरान न्यायालय से अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया. वही बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार ने दलीलें पेश की. अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत दोनो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया.

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