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बैंक के लोन ने ली आज फिर एक गरीब की जान

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Dhanbad : वैसे तो किसी बैंक का “लोन” पैसे नहीं होने के बावजूद अपनी खुशियों को पूरा करने का सहारा होता है. लेकिन कभी कभी यह सहारा काफी घातक बनकर कई जिंदगियों में तूफान लेकर आता है. ऐसा ही एक मामला धनबाद के भुली स्थित शिवपुरी में भी सामने आया है जब वहीं के रहने वाले उमाशंकर प्रसाद ने लोन चुकाने के दबाव और आर्थिक परेशानी से तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. बताया जाता है की उमाशंकर की पत्नी माया देवी ने अपने निजी कार्य के लिए बंधन बैंक द्वारा संचालित 40 हजार रुपये का एक ग्रुप लोन निकाला था, जिसका क़िस्त 1150 रुपये हर हफ्ते वो भरता था. लेकिन आर्थिक परेशानी के कारण वो दो हफ्ते से लोन की क़िस्त नहींं चुका पा रहा था.

कुछ दिन पहले लोन की क़िस्त नहींं चुकाने पर ग्रुप की महिलाओं ने उस्की घर का टीवी उठा ले गए थे. चूंकि इस महिला ग्रुप लोन का नियम है कि अगर ग्रुप का कोई सदस्य लोन की क़िस्त नहींं जमा करता है तो उसकी क़िस्त बाकी सदस्यों को मिलकर चुकानी पड़ती है जिससे महिलाओं में गुस्सा था.आज भी महिलाओं का एक झुंड उमाशंकर के घर पंहुचा था और काफी भला बुरा कहने के बाद पत्नी के साथ मारपीट के लिए भी कहा जा रहा था. महिलाओं के जाने के बाद उमाशंकर अपने कमरे में गया और फांसी लगा ली. मिली जानकारी के अनुसार उमाशंकर पेयजल बेचने वाले किसी कंपनी का टाटा मैजिक चलाता था.

घटना के बाद लोगोंं द्वारा सूचना मिलने के बाद भुली थाना प्रभारी प्रवीण कुमार मौके पर पंहुचे और शव की छानबीन कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. उमाशंकर अपने पीछे अपनी पत्नी माया देवी सहित अपने दो बेटों को छोड़ गया है जिसका पालन पोषण इस परिवार के लिए आगे बड़ी समस्या बनकर सामने आएगी.

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