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झारखंड में छह माह से प्रमोशन पर रोक, अधिकारी और कर्मी बगैर प्रोन्नति हो रहे रिटायर

विधानसभा की विशेष समिति ने की थी प्रमोशन में गड़बड़ी पर रिपोर्ट

Nikhil Kumar

Ranchi: झारखंड में पिछले छह माह से प्रमोशन पर रोक लगी हुई है. प्रोन्नति पर रोक की वजह से सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं मिल रहा है. कई अधिकारी व कर्मी प्रमोशन की राह तकते हुए रिटायर हो गये हैं. लगभग हर माह सचिवालय के विभिन्न विभागों सहित जिला व प्रखंड स्तर के कर्मचारी व अधिकारी रिटायर हो रहे हैं. ऐसे कर्मचारियों की संख्या सैकड़ों में है. प्रोन्नति नहीं मिलने से हर वेतन में भी नुकसान हो रहा है.

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दरअसल, झारखंड सरकार ने 24 दिसंबर को एक आदेश निकाला और सरकार की सभी सेवाओं और पदो में प्रोन्नति पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी. कार्मिक विभाग के द्वारा निकाले गये उक्त आदेश में रोक कारणों की वजह नहीं बतायी गयी. हालांकि, यह माना जा रहा है कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के प्रोन्नति के मामले से संबंधित विधानसभा की विशेष समिति की रिपोर्ट के बाद प्रमोशन पर रोक लगायी गयी है.

महाधिवक्ता से मांगी गयी है राय
कार्मिक विभाग ने प्रमोशन से जुड़े मसले पर झारखंड के महाधिवक्ता से राय मांगी है. मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है. विभाग के के अधिकारियों ने बताया कि सरकार अब कानूनी पक्षों को देखने के बाद ही इस पर आगे बढ़ने की तैयारी में हैं.

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सीएम ने विशेष समिति के साथ की थी बैठक,उसके बाद लगी प्रमोशन पर रोक

राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले में दिसंबर माह में विशेष समिति के सदस्यों के साथ बैठक की थी. समिति ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के पदाधिकारियों और कर्मियों को सरकार के द्वारा बनाये गये नियमों एवं निर्देशों के अनुकूल प्रमोशन देने का प्रस्ताव एवं प्रतिवेदन सौंपा था. इस प्रतिवेदन के बाद ही कार्मिक विभाग द्वारा एक आदेश जारी हुआ और प्रमोशन पर रोक लगा दी गयी थी.

एक माह में मामला सुलझाने का था आश्वासन पर लटक गया

मुख्यमंत्री ने दिसंबर माह में इस मामले में ठोस निर्णय लेने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि किसी एसटी-एससी अधिकारी-कर्मी के साथ अन्याय नहीं होगा. सीएम ने इस मामले को एक माह में सुलझाने का आश्वासन दिया था. यह भी कहा था कि जब तक समाधान नहीं निकलेगा तब कि प्रमोशन पर रोक लगी रहेगी. हालांकि, अब छह माह हो गये हैं पर सरकार किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है.

एससी-एसटी के अधिकारी व कर्मियों के प्रमोशन का मामला

दरअसल, विधानसभा की विशेष समिति ने राज्य में प्रमोशन में गड़बड़ी की शिकायत सरकार से की थी. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी और सरकार से प्रमोशन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी. समिति ने पहले के सारे प्रमोशन की जांच की मांग की है. विशेष समिति में बंधु तिर्की,नीलकंठ सिंह मुंडा,अमर बाउरी, दीपक बिरुआ ने प्रोन्नति में गड़बड़ी का मामला सामने लाया था और कहा था कि एसटी-एससी कर्मियों के साथ अन्याय हो रहा है.

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सरकार प्रमोशन पर लगी रोक हटायेः कर्मचारी

सचिवालय सेवा संघ के महासचिव पिकेश कुमार सिंह ने सरकार से अविलंब प्रमोशन पर लगी रोक हटा लेने की मांग की है. इन्होंने कहा है कि झारखंड सचिवालय सेवा सहित सभी सेवा में बड़े पैमाने पर हर माह अधिकारी-कर्मी सेवानिवृत हो रहे हैं. समय पर प्रमोशन नहीं मिलने से कर्मचारी निराश भी हैं.

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