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झारखंड में प्याज के स्टॉक पर पाबंदी, 25 मीट्रिक टन से ज्यादा स्टोर नहीं करेंगे कारोबारी

  • 31 दिसंबर तक जारी रहेगी यह पाबंदी

Ranchi : प्याज की बढ़ती कीमत की चपेट में झारखंड के लोग भी आये हुए हैं. बाजार में इसकी कीमतें पिछले एक महीने से भी अधिक समय से 80-100 रुपये तक पहुंची हुई हैं. ऐसे में राज्य सरकार ने पहल की है. झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग ने प्याज भंडारण के लिए सीमा निर्धारित कर दी है. अब किसी भी हाल में प्याज के कारोबार से जुड़ा कोई भी थोक विक्रेता 25 मीट्रिक टन से अधिक प्याज स्टोर नहीं कर सकेगा. इसी तरह फुटकर विक्रेताओं के लिए भंडारण सीमा दो मीट्रिक टन तक तय की गयी है. यह भंडारण सीमा 31 दिसंबर 2020 तक के लिए मान्य होगी.

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केंद्र सरकार का है निर्देश

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खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आदेश (पत्रांक 04, खाद्य भंडारण 25/2007 (खण्ड)-1)-2903, दिनांक 5-11-20) में कहा गया है कि प्याज भंडारण के संबंध में भारत सरकार का आदेश है. केंद्र के आदेश (D.O no S-10/3/2017-ECR&E, दिनांक 23.10.20) के अनुसार भंडारण सीमा का पालन किया जाना जरूरी है.

सरकार के निर्देश का पालन करेंगे व्यापारी : मदन प्रसाद

आलू-प्याज विक्रेता संघ के उपाध्यक्ष मदन प्रसाद के अनुसार पूर्व में प्याज भंडारण की सीमा निर्धारित नहीं थी. व्यापारी अपनी क्षमता के अनुसार भंडारण करते थे. पर, अब वे सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करेंगे. हालांकि, अब प्याज का भाव पांच नवंबर से गिरने लगा है. उससे पहले तक प्याज का भाव मंडी में 55-60 रुपये प्रति किलो तक था. अब इसका भाव 30-40 रुपये किलो तक हो चुका है. वैसे अभी के नये-पुराने प्याज की क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं है. अब सरकार का जो निर्देश ग्राहकों के हितों को देखते हुए आया है, उसका अनुपालन तो किया ही जायेगा.

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