न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

33 पारा शिक्षिकाओं समेत 37 पारा शिक्षकों की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज

जमानत याचिका खारिज होने पर महिला पारा शिक्षकों के परिजनों में छायी मायूसी

279

Ranchi : मोरहाबादी में झारखंड स्थापना दिवस समारोह के दौरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के बाद गिरफ्तार पारा शिक्षकों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गयी है. बता दें कि गुरुवार को जमानत याचिका पर लोअर कोर्ट न्यायिक दंडाधिकारी कुमार विपुल की अदालत ने 33 महिला पारा शिक्षिकाओं समेत कुल 37 पारा शिक्षकों की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई की और उनकी अर्जी को खारिज कर दिया.

क्या है मामला

बता दें कि 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित समारोह के दौरान राज्य के पारा शिक्षकों के उग्र प्रदर्शन एवं मुख्यमंत्री को प्रदर्शन के दौरान काला झंडा दिखाने के मामले में रांची पुलिस ने 280 पारा शिक्षकों को पिछले शुक्रवार की शाम जेल भेज दिया था. इनमें 33 महिला पारा शिक्षिकाएं भी शामिल थीं. पुलिस ने पारा शिक्षकों पर आठ धाराएं लगायी हैं. उनपर धारा 144, 341, 342, 323, 307, 353, 337 और 338 लगी थी. पारा शिक्षकों को होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल भेजा गया था.

Aqua Spa Salon 5/02/2020

जानिये कौन सी धाराएं लगी थीं

विरोध प्रदर्शन कर रहे 280 पारा शिक्षकों पर कुल आठ धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है. पारा शिक्षकों पर धारा 144, 341, 342, 323, 307, 353, 337 और 338 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

धारा 341 :  गलत तरीके से रोकना. इसमें एक महीने तक जेल हो सकती है या पांच सौ रुपये का आर्थिक दंड या दोनों. यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है.

धारा 342 : किसी व्यक्ति को गलत तरीके से प्रतिबंधित करना. सजा– एक वर्ष कारावास या एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों. यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी न्यायाधीश द्वारा विचारणीय है.

धारा 144 : धारा 144 शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए लगायी जाती है. इस धारा को विशेष परिस्थितियों जैसे दंगा, लूटपाट, आगजनी, हिंसा, मारपीट को लेकर, फिर से शांति स्थापित करने के लिए लागू किया जाता है. इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया जाता है, जिसके बाद उस तनावपूर्ण इलाके में यह धारा लागू कर दी जाती है. उल्लंघन करनेवाले आरोपी को एक साल कैद की सजा भी हो सकती है. वैसे यह एक जमानती अपराध है, जिसमें जमानत हो जाती है.

धारा 323 : जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाना. एक साल का कारावास या एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों.

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

धारा 307 : अगर कोई किसी की हत्या की कोशिश करता है, लेकिन जिस शख्स पर हमला हुआ है, उसकी जान नहीं जाती है, तो इस तरह के मामले में हमला करनेवाले शख्स पर धारा 307 के अधीन मुकदमा चलता है. हत्या की कोशिश करनेवाले आरोपी को आईपीसी की धारा 307 में दोषी पाये जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है. आम तौर पर ऐसे मामलों में दोषी को 10 साल तक की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं. जिस आदमी की हत्या की कोशिश की गयी है, अगर उसे गंभीर चोट लगती है, तो दोषी को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.

धारा 353 : किसी भी ऐसे व्यक्ति पर, जो लोक सेवक हो, उस समय जब लोक सेवक के नाते वह अपने कर्तव्य का निष्पादन कर रहा हो, या उस व्यक्ति को लोक सेवक के नाते अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के आशय से, या लोक सेवक के नाते उसके अपने कर्तव्य के विधिपूर्ण निर्वहन में किये गये या किये जानेवाले किसी कार्य के परिणामस्वरूप हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा, जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड या दोनों से दंडित किया जायेगा.

धारा 337 : जो भी कोई किसी व्यक्ति को उतावलेपन या उपेक्षापूर्वक ऐसे किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो, चोट पहुंचाता है, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड जो पांच सौ रुपये तक हो सकता है, या दोनों से दंडित किया जायेगा. यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है. यह अपराध न्यायालय की अनुमति से पीड़ित व्यक्ति (जिसको चोट पहुंची है) द्वारा समझौता करने योग्य है.

धारा 338 : जो भी कोई किसी व्यक्ति को उतावलेपन या उपेक्षापूर्वक ऐसे किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो, गंभीर चोट पहुंचाना कारित करता है, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या एक हजार रुपये तक का आर्थिक दंड, या दोनों से दंडित किया जायेगा. यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है.

इसे भी पढ़ें- रांची से गिरफ्तार सभी 280 पारा शिक्षकों को बर्खास्त करने की सरकार कर रही है तैयारी ! पढ़ें पूरी सूची

इसे भी पढ़ें- अंधविश्वास में जकड़ा है गांव, भूत के डर से न तो होती है खेती और न बजती है शहनाई

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like