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मरीन ड्राइव की तरह बनेगा बड़ा तालाब के किनारे का पाथ-वे : अजय कुमार सिंह

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  • बड़ा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का विभागीय सचिव ने किया निरीक्षण
  • 12 जनवरी से पहले हो पाथ-वे निर्माण कार्य
  • तालाब की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का निर्देश

Ranchi: राजधानी के बड़ा तालाब में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को आगामी 12 जनवरी के पहले स्थापित करना प्रस्तावित है. इस कार्य की प्रगति और योजना के तहत बनने वाले पार्थ-वे, पार्क आदि कार्यों को लेकर नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरूवार को तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया. तालाब के चारों ओर 1.7 किलोमीटर पाथ-वे बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण ऐसा हो कि यह मरीन ड्राइव की तरह खूबसूरत दिखे.  तालाब को स्वच्छ बनाए रखने के लिए उन्होंने यहां गिरने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान सचिव के साथ नगर आयुक्त मनोज कुमार, अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद, स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ किरण कुमारी, रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड के पीआरओ अमित कुमार, नगर निगम के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार भगत सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे.

12 जनवरी से पहले हो पाथ-वे का निर्माण 

सौंदर्यीकरण कार्य के निरीक्षण के दौरान विभागीय सचिव ने निर्माण कंपनी को निर्देश दिया कि यह कार्य जल्द से जल्द काम को पूरा करें. कंपनी कोशिश करें कि पाथ-वे का काम आगामी 12 जनवरी से पहले पूरा कर लिया जाए. वहीं तालाब के अंदर वाले किनारे (तालाब से सटे) वाले स्थान पर ग्रिलिंग का कार्य पूरा हो. उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से तालाब के किनारे जो ग्रिल लगाये जा रहे हैं उसमें किसी प्रकार का कंक्रीट कार्य नहीं होना चाहिए. ग्रिल की ऊंचाई भी कम हो, इसका विशेष ख्याल रखा जाए. इस दौरान पूर्व में किये गये समीक्षा में दिये आदेश पूरा नहीं होने पर सचिव अजय कुमार ने निर्माता कंपनी के ठेकेदार को भी कड़ी फटकार लगायी.

निरीक्षण के दौरान जो महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये वह हैं- 

  • तालाब के चारों ओर 10 मीटर चौड़ी दो लेन की सड़क बनाया जायेगा.
  • सड़क के अंदर वाले किनारे रिक्त पड़े स्थानों पर गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी. पार्किंग के लिए यहां पेवर्स ब्लॉक लगाया जायेगा, ताकि गाड़ियों को रखने में दिक्कत न हो.
  • तालाब के एक छोर पर रिक्रिएशन सेंटर बनाया जायेगा, जहां मार्केटिंग की व्यवस्था होगी.
  • तालाब के आसपास एक छोटे पार्क निर्माण का भी प्रावधान किया गया है.
  • तालाब में गिरने वाले नालों के पानी के लिए तालाब के बाहर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा. इससे प्लांट से पानी को स्वच्छ बना कर तालाब में छोड़ा जायेगा.
  • तालाब के अंदर कई जगहों पर फ्लोटिंग फाउंटेन और इसके किनारे पर लाइटिंग की विशेष व्यवस्था रहेगी.
  • तालाब के चारों ओर लगभग 1.7 किलोमीटर का पाथ-वे बनेगा. जो मरीन ड्राइव की तरह खूबसूरत दिखेगा. लोग इसके सहारे तालाब के किनारे-किनारे टहल सकेंगे.
  • बड़ा तालाब में जलकुंभी को जड़ से खत्म किया जा सके, इसके लिए यहां विशेष प्रकार के मछली पालन करने की व्यवस्था की गयी है.

आउटर बाउंड्री नहीं करने का निर्देश

विभागीय सचिव ने साफ किया कि तालाब के बाहर आउटर बाउंड्री नहीं किया जायेगा. तालाब के आसपास लोग खुले में घूम सकेंगे, इसके लिए योजना के तहत बनने वाले बाउंड्री वाल को तुरंत रोकने का निर्देश सचिव ने दिया. उन्होंने कहा कि तालाब और आसपास की साफ-सफाई को भी सुनिश्चित किया जाए. साथ ही जहां भी अतिरिक्त जगह बचता है वहां लैंडस्कैपिंग किया जाए.

12 करोड़ की लागत से हो रहा सौंदर्यीकरण कार्य 

मालूम हो कि लगभग 12 करोड रुपए की लागत से बड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण निर्माण का कार्य चल रहा है. यह कार्य रांची नगर निगम की ओर से किया जा रहा है. वहीं दूसरी और कला-संस्कृति विभाग की ओर से बड़ा तालाब के अंदर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने की भी योजना भी प्रस्तावित है.

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