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एसटी जमीन को माफिया के कब्जे से मुक्त कराने के लिए बाबूलाल ने सीएम हेमंत को लिखा पत्र

Ranchi: भाजपा विधायक दल के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आदिवासी जमीन पर कब्जे को लेकर चिंता जतायी है. बुधवार को उन्होंने पत्र में कहा कि बड़गाई मौजा (रांची) के एक आदिवासी परिवार की पैतृक जमीन को भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराया जाये. मरांडी ने कहा कि बड़गाई मौजा में भुइंहरी पहनई खतियानी भूमि का जाली दस्तावेज बनाकर माफिया ने आदिवासी जमीन को बलपूर्वक कब्जा एवं बिक्री करने का गंभीर मामला सामने आया है. इस संबंध में पीड़िता चंचला मुण्डा (पति-कुलदीप मुंडा) पता-बड़गाई, थाना-सदर, रांची से एक आवेदन मिला है जो काफी गंभीर है.

आवेदिका के बड़गाई स्थित मौजा खाता नं ० 235 , थाना नं०-184 , प्लॉट सं0-2729 में 1 एकड़, 78 डिसमिल जमीन के रूप में पैतृक सम्पत्ति है. यह जमीन भुइंहरी पहनई किस्म की है. दशकों से इनका शांतिपूर्वक दखल कब्जा रहा है लेकिन जमीन मालिक के एक सरल-सीधा व्यक्ति होने की वजह से इन्हें धोखा देकर जमीन माफिया जिसका नाम यासिन हामिद यूसूफ अंसारी, मकसूद असलम, राजू मंडल एवं कई अन्य द्वारा उक्त प्रसंगत जमीन पर विकास कार्य कराने के नाम पर सादा कागज पर हस्ताक्षर करा लिया गया. इसके आधार पर जमीन का जाली दस्तावेज तैयार कर पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करने में वे लगे हैं.

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मरांडी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आदिवासी जमीन को हड़पने में जमीन माफिया को मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत कम्प्यूटर सहायक शाहनवाज अंसारी सहयोग कर रहे हैं. सीएम हाउस का बार – बार हवाला देकर थाना को फोन करते हैं.

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जमीन मालिक पर भी धौंस जमाते हैं जबकि आपके द्वारा प्रशासन को हिदायत भी दिया गया है कि किसी भी सूरत में आदिवासी जमीन हड़पने नहीं दिया जाये. इसके बावजूद आपके ही कार्यालय से थाना को फोन करके बलपूर्वक आदिवासी जमीन पर कब्जा करवाना अत्यन्त ही दुर्भाग्यपूर्ण है.

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यहां तक की केसर अहमद नामक व्यक्ति द्वारा पुराना घर को तोड़कर शोरूम एवं दुकान बना लिया गया है. आवेदन को पूरी तरह पढ़ने से ऐसा प्रतीत होता है कि एक सीधे – सादे आदिवासी परिवार की जमीन को षड्यंत्रपूर्वक जमीन माफियाओं द्वारा आपके कार्यालय में पदस्थापित कर्मचारी के सहयोग से हड़पा गया है.

यह काफी गंभीर मामला है. मरांडी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से आदिवासी परिवार की उक्त पैतृक जमीन को जमीन माफियाओं के कब्जा से मुक्त कराने एवं जालसाज जमीन दलालों पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है. उन्होंमे इसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव को भी भेजी गई है.

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