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बाबूलाल सात दिनों में चिट्ठी के सच को प्रमाणित करें, नहीं तो मांफी मांगे, वरना कोर्ट में माफी मांगने के लिए मजबूर होंगे

सीबीआई की जांच नहीं होती है तो राष्ट्रपति का भी दरवाजा खटखटाएंगे - बाबूलाल मरांडी

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Ranchi: जेवीएम के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान कोडरमा से सांसद रविंद्र राय की चिट्ठी जो राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखी थी, उसे राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू को सौंपने के बाद झारखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है. मीडिया में खबर आने के बाद बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में बीजेपी के आला अधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया. संवाददाता सम्मेलन के दौरान वहां जेवीएम से बीजेपी में शामिल हुए सभी छह विधायक मौजूद थे. प्रेस को संबोधित करते हुए सांसद रविंद्र राय ने दो टूक में कहा कि बाबूलाल मरांडी जी एक फर्जी चिट्ठी के दम पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाबूलाल को पार्टी सात दिनों का समय देती है. सात दिनों के अंदर बाबूलाल चिट्ठी की सत्यता को प्रमाणित करें, नहीं तो वो सार्वजनिक रूप से जनता के सामने माफी मांगे. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो पार्टी के लोग अपने सम्मान की रक्षा करने कोर्ट की शरण में जाएंगे और कोर्ट में मानहानि का मुकदमा इनपर किया जाएगा.

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देश के दूसरे केजरीवाल होंगे बाबूलाल – रवींद्र राय 

सांसद रविंद्र राय ने कहा कि किसी पर आरोप लगाकर माफी मांगने वाले बड़े नेताओं की फेहरिस्त में एक और नाम जुटने वाला है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बाद बाबूलाल देश के दूसरे नेता होंगे, जो जनता के सामने माफी मांगेंगे. निहायत ही सस्ती लोकप्रियता के लिए बाबूलाल ने ऐसा काम किया है. मैं इसकी घोर निंदा करता हूं. चिट्ठी की सत्यता को चुनौती देता हूं. मामले को पार्टी जनता की अदालत में ले जाएगी.

चिट्ठी सच हुई तो राजनीतिक संन्यास ले लूंगाः राय

रविंद्र राय ने मीडिया के सामने कहा कि जिस चिट्ठी को सबूत बनाकर बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल को सौंपा है, वो एक नकली पैड पर लिखा हुआ नकली हस्ताक्षर के साथ है. बाबूलाल देश के किसी भी एजेंसी से इस चिट्ठी की जांच करा लें. अगर चिट्ठी सच निकली तो मैं आजीवन राजनीति से संन्यास ले लूंगा. उन्होंने कहा जो झारखंड को दिशा देने वालों में शुमार होने की बात करते हैं. उन्हें ऐसे काम शोभा नहीं देते. मैं 10 मार्च 2013 से 16 मई 2016 तक झारखंड का प्रदेश अध्यक्ष था. जिस समय की चिट्ठी बतायी जा रही है, उस वक्त मैं प्रदेश अध्यक्ष था. 2013 से पहले मैं किसान मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष था. जिस पैड पर चिट्ठी लिखी हुई है, वो किसान मोर्चा उपाध्यक्ष के पैड पर लिखी हुई है. साथ ही कहा कि बाबूलाल मरांडी ने दुर्भाग्यपूर्ण गुस्ताखी की है. उन्हें किसी संवौधानिक पद पर बैठे शख्स को चिट्ठी देने से पहले सत्यता की जांच कर लेनी चाहिए थी. बाबूलाल को निशाने पर रखते हुए श्री राय ने कहा कि उन्हें राजनीती की गरिमा का भी एहसास नहीं रहा. उन्होंने राजनीति की छवि खराब करने की कोशिश की है. जो अपने घर को नहीं संभाल पाता है, वो आरोप लगाने के अलावा कर भी क्या सकता है.

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क्या ऐसे मुद्दे पर पत्र लिखे जाते हैं : राय

सांसद रविंद्र राय ने कहा कि नकल के लिए अकल की जरूरत होती है. कहा कि अगर ऐसा हुआ भी है तो क्या ऐसे मुद्दे पर पत्र लिखे जाते हैं. मैं क्या कोई भी राजनेता ऐसे मुद्दे पर पत्र लिखने की कल्पना भी नहीं कर सकता है. ये जो चिट्ठी बाबूलाल बांटने का काम कर रहे हैं, वो उन्होंने खुद लिखी है. अगर उन्होंने खुद ये चिट्ठी नहीं लिखी है तो बताएं कि चिट्ठी कहां, कब और कैसे मिली. कहा कि ये फर्जी चिट्ठी कई महीनों से भटक रही थी. सभी जानते हैं कि फर्जी है. कहा कि सभी जानते हैं कि बाबूलाल जमीनी राजनीति में असफल हो गए हैं. अब ये सट्टेबाजी कर किसी तरह राजनीति में जिंदा रहने की कोशिश कर रहे हैं. राजनिति में बने रहने के लिए इन्होंने एक गिरोह बना रखा है, जो ऐसा काम कर रहा है. कहा कि जब 2014 चुनाव के बाद झारखंड में सरकार बनने जा रही थी. मैंने खुद उनको फोन करके कहा था कि राज्य की भलाई के लिए वो अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर लें. लेकिन उन्होंने कहा था कि मेरे लिए ये संभव नहीं है और मैं विधायकों को ऐसा करने से रोकूंगा.


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बाबूलाल पागल, जनता ने उन्हें नकार दिया हैः रणधीर सिंह

मीडिया को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि जैसा काम बाबूलाल मरांडी ने किया है, वैसा काम एक पागल आदमी ही कर सकता है. बाबूलाल मरांडी को जनता ने नकार दिया है, जिसके बाद वो ऐसा काम कर रहे हैं. मैं उनपर मानहानि का मुकदमा करूंगा. बाबूलाल मरांडी जालसाजी पर उतर आए हैं. जेवीएम के विधायकों ने राज्य के हित में बीजेपी में विलय किया था.

बाबूलाल ने की थी अमित शाह से मुलाकातः बाउरी

राजस्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि बाबूलाल चुनाव परिणाम के बाद खुद अमित शाह से मुलाकात करने गए थे. बैठक का प्रस्ताव ही बीजेपी में विलय करने का था. अमित शाह से मुलाकात के बाद एक रेस्टोरेंट में हमारी बैठक हुई थी. उस बैठक में फैसला हुआ था कि बीजेपी में पार्टी का विलय करना है. लेकिन बाद में वो पीछे हट गए. अब वो हमारा चरित्र हनन कर रहे हैं. जनता ने हमें निर्वाचित किया है. हमारी जवाबदेही जनता के प्रति है. 2019 में जनता जवाब देगी.

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लड़ाई जारी है, यहां बात नहीं बनी तो राष्ट्रपति के पास जाऊंगाः बाबूलाल

सांसद रविंद्र राय की प्रेस वार्ता के बाद खूंटी दौरे पर गए पूर्व मुख्यमंत्री और जेवीएम के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि मानहानि उसपर होता है, जब कोई किसी पर सार्वजनिक रूप से लांछन लगा रहा हो. हम तो कागज दस्तावेज ले करके राज्य के जो संवैधानिक प्रमुख हैं, उनको मैंने दिया. बताया कि इन लोगों ने चोरी किया है, इन लोगों ने गड़बड़ी की है. लोकतंत्र की इन लोगों ने हत्या की है. संविधान का इन्होंने माखौल उड़ाया है. इन लोगों के ऊपर एफआईआर होनी चाहिए. मैं बार-बार कह रहा हूं कि चिट्ठी की सीबीआई से जांच होनी चाहिए. राज्य और देश में उनकी सरकार है सीबीआई उनके मातहत काम करती है. वो लोग हमारे ऊपर मानहानि का केस करने की बात करते हैं. ये बड़ी अजीब बात है. वो चोरी भी कर रहे हैं और सीना जोरी भी. माफी का सवाल ही नहीं है. मैं तो सीबीआई से जांच की मांग कर रहा हूं. जहां तक सदस्यता बरकरार रहने की बात है तो मैं कहना चाहूंगा कि वो तो खरीदे ही हैं सभी को पैसे से. इसलिए सदस्यता बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं. आगे हमारी लड़ाई चल रही है. विधानसभा में भी केस चल रहा है. सीबीआई की जांच नहीं होती है तो देश के राष्ट्रपति का भी दरवाजा खटखटाएंगे.


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