JharkhandLead NewsRanchi

बाबूलाल ने केंद्र से की JHARKHAND के जैन, बौद्ध और शैव मतावलंबियों के तीर्थस्थलों को NH से जोड़ने की मांग

Ranchi : पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने आज दिल्ली में सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की. यहां उनसे आग्रह किया कि राज्य के जैन, बौद्ध और शैव मतावलंबियों के तीर्थस्थलों को एनएच से जोड़ा जाये.
कहा कि गया, हिसुआ, राजगीर होते हुए बिहारशरीफ के लिए एनएच- 84 का चौड़ीकरण किया जा रहा है. इसी राजमार्ग पर हिसुआ से नवादा (बिहार), सतगावां (कोडरमा, झारखंड), गावां, तिसरी, चतरो (गिरिडीह) से चकाई (बिहार) तक लगभग 138 किमी का एरिया पीडब्ल्यूडी के द्वारा मेंटेन हो रहा है.

इसे राष्ट्रीय राजमार्ग में उन्नत करते हुए चकाई (बिहार, NH- 114-A) से जोड़ना उपयोगी और मील का पत्थर साबित होगा. चकाई (NH- 114-A) से देवघर, बासुकीनाथ, दुमका, रामपुर हाट (पश्चिम बंगाल) को राष्ट्रीय राजमार्ग के तौर पर उन्नयन करने की स्वीकृति मिल चुकी है.

इसे भी पढ़ें:गोरखनाथ मंदिर के गेट पर अल्लाह हू अकबर का नारा लगाते हुए पुलिसवालों पर हमला करनेवाला मुर्तजा है आईआईटियन, पुलिस जुटी जांच में

ऐसे में पीडब्ल्यूडी वाली सड़क को भी एनएच के तौर पर उन्नयन किये जाने से लाभ होगा. इसके बाद यह एनएच पर्यटन, तीर्थ सर्किट के तौर पर डेवलप हो सकता है.

एनएच होने से बौद्ध, जैन और शैव मतावलंबियों को एक आदर्श रास्ता मिलेगा. हर साल लाखों तीर्थ यात्री, पर्यटक बोधगया, राजगीर, देवघर, बासुकीनाथ एवं तारापीठ दर्शन को आते हैं. एनएच बन जाने से उनकी संख्या बढेगी.

राजस्व में भी वृद्धि होगी. कृषि और अन्य उत्पादों को एक बड़ा बाजार भी मिलेगा. बाबूलाल ने उम्मीद जतायी कि राज्यहित में नितिन गडकरी शीघ्र ही संज्ञान लेंगे.

इसे भी पढ़ें:सदर अस्पताल का हाल बेहाल, समय पर नहीं पहुंचते डॉक्टर, मरीजों को घंटों करना पड़ रहा इंतजार

Advt

Related Articles

Back to top button