न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

आयुष्मान भारत योजना का मकसद बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाना है : आम आदमी पार्टी

663

Ranchi : आयुष्मान भारत योजना को लेकर आम आदमी पार्टी, झारखंड की ओर से प्रदेश कार्यालय में बुधवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का मकसद सिर्फ बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाना है. मोदी-रघुवर सरकार की इस योजना से झारखंड के आम नागरिकों को कोई लाभ नहीं होगा. आम आदमी पार्टी की झारखंड इकाई द्वारा की गयी स्टडी के अनुसार इस योजना में अनगिनत खामियां हैं.

इसे भी पढ़ें- अवैध अस्पताल चला रहे धर्मदेव पर 50 हजार रुपये जुर्माना

बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाभुकों की सूची जारी नहीं कर रही सरकार

राजन कुमार ने कहा कि रघुवर सरकार यह ढिंढोरा पीट रही है कि राज्य के 57 लाख परिवार यानी 2.75 करोड़ लोगों का बीमा कराया गया है. प्रत्येक परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक के बीमा का भुगतान सरकार द्वारा किया जा रहा है. लेकिन, सरकार ने जान-बूझकर उन 57 लाख परिवारों की सूची जारी नहीं की है, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना है. बीमा कंपनियों के फायदे के लिए सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही है. बीमा कंपनियों को तो 57 लाख परिवार (2.75 करोड़ लोगों) के लिए सरकार की ओर से प्रीमियम की राशि मिल जायेगी, परंतु बीमा कंपनियों को बहुत ही कम लोगों के इलाज का खर्च उठाना पड़ेगा. कारण यह कि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं चल सकेगा कि उनका नाम सूची में है या नहीं. ऐसे में जो लोग इलाज के लिए अस्पताल जा रहे हैं, उन्हें तरह-तरह के बहाने बनाकर लौटाया जा रहा है. एक साजिश के तहत केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिनांक 30-8-18 को एक अधिसूचना जारी करके आयुष्मान भारत के लिए कई शर्तें रख दी हैं. इसकी वजह से झारखंड के ज्यादातर जरूरतमंद परिवार इस योजना से स्वत: बाहर हो जायेंगे.

इसे भी पढ़ें- कोलियरी में लेवी का काला खेल : चार साल में एक SIT तक गठित नहीं कर सकी सरकार, अनुशंसा-अनुशंसा खेलते…

आयुष्मान भारत योजना से ये लोग बहार हो जायेंगे

राजन कुमार ने बताया कि जिसके पास कोई स्कूटी, बाइक, ऑटो होगा, उसका आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज नहीं किया जायेगा. जिस परिवार में कृषि उपकरण है या किसी सदस्य की आय 10,000 रुपये मासिक है, उसका भी इस योजना के तहत इलाज नहीं होगा. वहीं, जिसके पास मात्र 2.5 एकड़ सिंचित भूमि होगी, उसका भी इलाज नहीं होगा. जबकि झारखंड में भूमि की उत्पादकता कम होने के कारण ज्यादातर कृषक परिवार, खासकर आदिवासी, काफी आर्थिक संकट में रहते हैं. इसी तरह, किसी परिवार में फ्रिज हो, तो उसे भी योजना से बाहर कर दिया जायेगा. सरकार द्वारा तरह-तरह की शर्त लगाकर आम जनता को इस योजना से बाहर करने का उपाय लगा दिया गया है. इस योजना को “यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज” का नाम देना देश के साथ धोखा है. इन शर्तों के लागू होने से स्वत: लाखों परिवार इस योजना से बाहर हो जायेंगे. वहीं, स्वास्थ मंत्रालय की अधिसूचना में डीसी को अधिकार दिया गया है कि किस तरह बड़ी संख्या में लोगों को इस योजना से बाहर करें. लेकिन, किसी जरूरतमंद को योजना में शामिल करने का अधिकार डीसी को नहीं दिया गया है. इस योजना का लाभ उठाने की पात्रता रखनेवाले जिन परिवारों का नाम सामाजिक-आर्थिक-जातीय सेंसस 2011 में नहीं है, उन्हें जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है.

इसे भी पढ़ें- जुलाई 2019 से पूरे झारखंड को 24 घंटे मिलेगी बिजली: रघुवर

अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आयुष्मान कार्डधारियों को नहीं मिल रहा मुफ्त इलाज

राजन कुमार ने बताया कि आम आदमी पार्टी की टीम ने झारखंड के कुछ अस्पतालों का दौरा करके मरीजों से बात की. जहां आयुष्मान भारत योजना लागू हो रही है, वहां भर्ती होने के बावजूद मरीजों को जांच और दवाई का खर्च खुद वहन करना पड़ रहा है. जब तक पूरी बीमारी डायग्नोस नहीं हो जाती और डॉक्टर फॉर्म भरके नहीं जमा करवाते और उनको ऑनलाइन अप्रूवल नहीं मिल जाता, तब तक आयुष्मान कार्ड के बावजूद मरीजों को पूरा खर्च खुद उठाना पड़ रहा है. राजन ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों की जान के साथ भद्दा खिलवाड़ कर रही है. पार्टी ने रघुवर सरकार से आयुष्मान भारत योजना से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने के साथ ही योजना की खामियों को दुरुस्त करने की मांग की.

इसे भी पढ़ें- सीएम का आदेश हुआ फेल, 72 घंटे होने के बाद भी नहीं पकड़े गए नरेंद्र सिंह होरा के हत्यारे

AAP ने की मांग- सबके लिए सभी तरह की जांच, इलाज और दवा मुफ्त हो

आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि रघुवर सरकार जिन 57 लाख परिवारों को लाभ देने की बात कर रही है, उनकी सूची तुरंत सार्वजनिक करे, बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने का काम भाजपा सरकार बंद करे, मोदी-रघुवर सरकार ने इस योजना के लाभ के लिए सामाजिक-आर्थिक-जातीय सेंसस 2011 पर आधारित जो शर्तें रखी हैं, उन्हें खत्म किया जाये और झारखंड के सभी परिवारों के लिए यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज योजना लागू करे. नये लोगों को इस योजना के तहत जोड़ने का प्रावधान किया जाये. सरकारी अस्पतालों को दिल्ली सरकार की तर्ज पर दुरुस्त किया जाये, जहां सबके लिए सभी तरह की जांच, इलाज और दवाई मुफ्त हो. साधारण बीमाधारक की तरह आयुष्मान भारत के लाभुकों के लिए सुनिश्चित हो कि डायग्नोसिस के पहले हो रही जांच, इलाज और दवाई का खर्च उनको न देना पड़े. कागजी कार्यवाही और अप्रूवल के चक्कर में इलाज में कोई देरी न हो और इस देरी की वजह से कोई जान गयी, तो अस्पताल प्रबंधन पर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाकर सजा का प्रावधान हो. प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा एवं पवन पांडेय भी मौजूद थे.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.


हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: