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#Ayodhya: कार सेवकों पर दर्ज केस वापस लेने,पेंशन और मरने वालों को शहीद का दर्जा देने की मांग, हिंदू महासभा ने PM को लिखा पत्र

Lucknow: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद हिंदू महासभा ने बाबरी मस्जिद ढाहने वाले कार सेवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है. स्वामी चक्रपाणि की अगुवाई वाले हिंदू महासभा के धड़े ने मंगलवार को इसे लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा है.

पत्र में बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में कारसेवकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की है. साथ ही संगठन ने कार सेवा के दौरान मारे गए कार सेवकों को शहीद का दर्जा देने की भी मांग की.

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पीएम, गृह मंत्री को लिखा पत्र

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हिंदू महासभा ने दिल्ली के पते से मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में मांग की.

चक्रपाणि ने खत में कहा है कि गत नौ नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि जिस स्थान पर बाबरी मस्जिद थी, वहां पहले मंदिर हुआ करता था. ऐसे में विवादित स्थल पर बने ढांचे का गुंबद बाबरी मस्जिद का नहीं बल्कि मंदिर का ही था, लिहाजा बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले में कारसेवकों पर दर्ज मुकदमे फौरन वापस लिए जाने चाहिए.

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मारे गये कार सेवकों का शहीद का दर्जा मिले

पत्र में यह भी कहा गया है कि कार सेवा के दौरान मारे गए कारसेवकों को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनकी सूची को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए. साथ ही उनके परिवार को वित्तीय सहायता तथा नौकरी भी दी जाए.

पत्र में चक्रपाणि ने यह भी कहा है कि भगवान राम के वे सभी भक्तों जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए कार सेवा की थी, उन्हें स्वतंत्रता सेनानी की तर्ज पर ‘धार्मिक सेनानी’ घोषित किया जाए. आर्थिक रूप से कमजोर धार्मिक सेनानियों को प्रति माह वेतन और सरकारी सुविधाएं दी जाएं.

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