न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

अयोध्या विवाद : राम मंदिर पर प्राइवेट मेंबर बिल लायेंगे भाजपा सांसद राकेश सिन्हा,  किया एलान

भाजपा के सांसद राकेश सिन्हा नेराहुल गांधी, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी और बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेताओं को चुनौती भी दी है कि वे राम मंदिर पर अपना स्टैंड क्लियर करें

31

NewDelhi : राज्यसभा में भाजपा के सांसद राकेश सिन्हा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद के प्राइवेट मेंबर बिल लाने की बात कही है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी और बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेताओं को चुनौती भी दी है कि वे अपना स्टैंड क्लियर करें.  बता दें कि राकेश सिन्हा ने गुरुवार को इस सिलसिले में कई ट्वीट किये.  अब तय हो गया है कि 2019 के चुनावी साल से ठीक पहले अयोध्या मुद्दा एक बार फिर संसद के साथ-साथ पब्लिक डिबेट का हिस्सा होगा. जान लें कि 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक के लिए टाल दी. उसके बाद से आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद जैसे हिंदू संगठनों द्वारा मोदी सरकार पर राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने का दबाव बनाया जा रहा है.  बता दें कि केंद्र में स्पष्ट बहुमत वाली सरकार और यूपी में अबतक की सर्वाधिक मजबूत स्थिति वाली भाजपा सरकार पर इस सवाल का जवाब देने का भी दबाव है.  हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि राम मंदिर पर कानून बनाने की राह इतनी आसान नहीं है.

eidbanner
सबरीमला विवाद : केरल जीतने की कवायद, राम मंदिर की तर्ज पर भाजपा की रथयात्रा आठ नवंबर से  

क्या वे मेरे प्राइवेट मेंबर बिल का समर्थन करेंगे? : राकेश सिन्हा

गुरुवार सुबह भाजपा सांसद राकेश सिन्हा ने कुछ ट्वीट्स किये तो दिल्ली समेत देशभर में राजनीतिक गर्मी उबाल पर आ गयी. बता दें कि राकेश सिन्हा ने ट्वीट किया कि जो लोग भाजपा और संघ को उलाहना देते रहते हैं कि राम मंदिर की तारीख बतायें, उनसे सीधा सवाल है कि क्या वे मेरे प्राइवेट मेंबर बिल का समर्थन करेंगे? समय आ गया है दूध का दूध पानी का पानी करने का.  उन्होंने अपने ट्वीट में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी, लालू प्रसाद यादव और चंद्रबाबू नायडू को भी टैग किया है.  इस क्रम मे राकेश सिन्हा ने दूसरे ट्वीट में लिखा, आर्टिकल 377, जलिकट्टू और सबरीमाला पर फैसला देने में सुप्रीम कोर्ट ने कितने दिन लगाये? लेकिन दशकों से अयोध्या प्राथमिकता में नहीं है.  यह हिंदू समाज के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता में है.  अगले ट्वीट में फिर उन्होंने राहुल गांधी, येचुरी और लालू को टैग करने के साथ मायावती का जिक्र करते हुए लिखा कि जो तारीख पूछते थे अब उनपर जिम्मेदारी है कि बतायें बिल का समर्थन करेंगे या नहीं?

Related Posts

डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने के आसार,  सीएम ममता का हर अस्पताल में पुलिस अधिकारी तैनात करने का आदेश 

डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने के आसार हैं. पश्चिम बंगाल में हिंसा के विरोध में हड़ताल पर गये चिकित्सकों और राज्य सरकार के बीच गतिरोध खत्म होने के संकेत नजर आ रहे हैं.

इसे भी पढ़ें  :  पत्रकारों के लिए असुरक्षित देश की सूची में भारत का 14वां नंबर

    प्राइवेट मेंबर बिल होता है क्याा ?

भारत की संसद में किसी भी कानून को बनाने की प्रक्रिया किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में बिल पेश करने से शुरू होती है.  बिल को सरकार के मंत्री या किसी संसद सदस्य की तरफ से पेश किया जा सकता है.  अगर सरकार के मंत्री बिल पेश करते हैं तो उसे गवर्नमेंट बिल और दूसरी स्थिति को प्राइवेट मेंबर बिल कहते हैं.  यानी संसद में सरकारी विधेयकों के अलावा सदस्यों को व्यक्तिगत विधेयक लाने का भी अधिकार है.  हालांकि इन विधेयकों का कानून की शक्ल लेना पार्टी लाइन या फिर सरकार के रुख से तय होता है.  लोकसभा और राज्यसभा में हर शुक्रवार को दोपहर बाद का समय निजी विधेयक (प्राइवेट मेंबर बिल) पेश करने के लिए तय है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: