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#Ayodhya: फैसले से पहले CJI ने यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी से की बात, सुरक्षा की समीक्षा

दूसरी ओर विहिप की देशवासियों से अपील- फैसले को हार-जीत के रूप में न लें, किसी को भी उन्माद में आने या निराश होने की जरूरत नहीं है.

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New Delhi/Bijnor(UP): अयोध्या विवाद पर कभी भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच सदस्य बेंच जल्द ही अयोध्या सुना सकती है.

वहीं फैसले से पहले देश के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ बैठक बुलाई. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई से मिलने के लिए उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और चीफ सेक्रेट्री राजेंद्र तिवारी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. करीब दो घंटे चली इस मीटिंग के बाद कुछ ही समय पहले दोनों अधिकारी कोर्ट परिसर से निकल गये हैं.

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अयोध्या पर संभावित फैसले से पहले की तैयारियों को लेकर चीफ जस्टिस और अफसरों की बैठक शुरू हो गई है. वही यूपी समेत पूरे देश में सुरक्षा मुस्तैद की गयी है. यूपी जहां आनेवाले फैसले को लेकर हाई अलर्ट पर है. जगह-जगह जवानों की तैनाती की गयी है.

वहीं मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अयोध्या पर फैसले को देखते हुए हज हाउस में मुस्लिम समुदाय के लोगों से कहा, “हमें अपने शहर का ख्याल रखना चाहिये.” गौरतलब है कि दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा ढहाये जाने के बाद मुंबई दंगों का गवाह बना था.

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फैसले को जीत-हार के तौर पर न लें-विहिप

राम जन्म भूमि और बावरी मस्जिद विवाद पर आनेवाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले देश के पीएम समेत कई संस्था-संगठनों ने शांति बरतने की अपील की है. वहीं अब विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपतराय बंसल ने अयोध्या रामजन्म भूमि विवाद पर उच्चतम न्यायालय के आने वाले फैसले को हार-जीत के तौर पर न लेने की अपील की है.

उन्होंने कहा है कि इससे किसी को भी उन्माद में आने या निराश होने की जरूरत नहीं है. बंसल ने गुरुवार की रात यहां नगीना में संवाददाताओं से कहा कि अयोध्या के रामजन्म भूमि विवाद मामले पर उच्चतम न्यायालय के पांच वरिष्ठ न्यायाधीशों की पीठ का आने वाला फैसला अनुकूल होने पर न तो हंगामा किया जाना चाहिए और न ही प्रतिकूल फैसला आने पर निराश होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष को चिढ़ाने वाली कोई बात या ऐसा कोई काम नहीं किया जाना चाहिए. बंसल ने बताया कि अदालत की इजाजत से वह भी 40 दिन तक लगातार चली सुनवाई के दौरान मौजूद रहे. उन्होंने विहिप की ओर से सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की .

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SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

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