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Jharkhand: KG की पांच वर्षीय छात्रा अवनि ने 2 घंटे से कम समय में पूरी की 18 किमी की दौड़, उठा सवाल

Ranchi: जामताड़ा में रविवार को जिला क्रॉस कंट्री रेस कंपटिशन हुआ. कंपटिशन की समाप्ति के दौरान लगभग 5 साल की बच्ची (4 साल 11 माह) अवनि कुमारी भी 18 किलोमीटर की दौड़ पूरी करते करमाटांड़ से जामताड़ा पहुंची. इसमें उसने 50 मिनट 54 सेकेंड का समय लिया. लिटिल स्टार स्कूल के KG class में पढ़ने वाली इस बच्ची के परफॉर्मेंस की पूरे झारखंड में चर्चा हो रही है. डीडीसी अलिलसन लकड़ा ने उसकी परफॉर्मेंस पर खुश होकर 500 रुपये का इनाम भी दिया. कहा कि ऐसी बच्ची का नाम प्रेरणा होना चाहिये. इधर, खेल विशेषज्ञों ने अवनि कुमारी की उपलब्धि पर चिंता भी जतायी है. इसे अमानवीय भी कहा है. इसे एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रावधानों का उल्लंघन भी बताया है. जिला खेल संघ ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा है कि उसने अपनी ओर से अवनि को दौड़ में शामिल होने की अनुमति नहीं दी थी.

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पूजा विश्नोई से प्रेरित है अवनि

अवनि अभी निरंतर विद्यासागर स्पोर्ट्स एकेडमी में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के लिए सालभर से जरूरी ट्रेनिंग भी ले रही है. कोच निवास मंडल उसकी मदद कर रहे हैं. महज 5 साल की उम्र में 18 किमी दौड़कर वह चर्चा में आ गयी है. निवास मंडल के मुताबिक उनकी एकेडमी की ट्रेनी अवनि करमाटांड़ में रहती है. वह पूजा विश्नोई जैसी एथलीट से प्रेरित है. उसी को देख देख वह एथलीट बनने की तैयारी कर रही है. उसका सपना है कि वह जल्द ही पूजा विश्नोई के साथ दौड़े. अवनि इसके लिए निरंतर अपने डायट प्लान और खेल प्रैक्टिस को लेकर सजगता दिखाती है. क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में अवनि ने करमाटांड़ के पिंडारी से जामताड़ा के लिए दौड़ लगायी. अब 23 दिसंबर को गढ़वा में होने वाली झारखंड क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता के रेस वॉक प्रतियोगिता में भी वह शामिल होगी.

क्या कहते हैं खेल विशेषज्ञ

एनआइएस कोच और साईं से पूर्व में जुड़े रहे एथलेटिक्स कोच उमेश लोहरा कहते हैं कि बच्चों को खेल के लिए स्कूली स्तर पर प्रोत्साहित करना अपनी जगह ठीक है पर नियमतः खेल प्रतियोगिताओं में इस तरह से भागीदारी तकनीकी तौर पर उचित नहीं. भारतीय एथलेटिक्स संघ के प्रावधानों के अनुसार एथलेटिक्स की किसी भी प्रतियोगिता में इस उम्र के बच्चों को शामिल नहीं करना है. सबसे प्रारंभिक स्तर पर अंडर-14 आयु वर्ग (सब-जूनियर) के प्लेयर्स भाग ले सकते हैं. इसमें भी उनकी न्यूनतम आयु 12 साल होनी चाहिये. 14 साल की आय़ु पूरी होने के एक दिन बाद की उम्र हो जाये तो अंडर-16 में शामिल होना पड़ता है.

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दुसरे बुधिया की राह पर अवनिः अध्यक्ष

जामताड़ा एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा ने न्यूज विंग से कहा कि ओड़िसा के बुधिया सिंह ने 2006 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन दौड़ में दिखाया था. महज 4 साल की आयु में पुरी से भुवनेश्वर तक 65 किमी की दौड़ लगायी थी. लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में इसे जगह मिली थी. रातों रात स्टार बन गया था. अगला मिल्खा सिंह देश को मिलने की बात होने लगी. पर अचानक से वह मैराथन ब्वॉय कहीं खो गया. अभी भुवनेश्वर में चंद्रशेखर नगर स्थित डीएवी स्कूल में वह स्टूडेंट है. पर अब उसकी दौड़ में स्पेशल कुछ नहीं दिखता. भारत में 13 साल का बच्चा सब-जूनियर कंपटीशन में भाग ले सकता है पर 13 वर्ष का हो चुका बुधिया अब तक इसके लायक नहीं हो सका है. अब अवनि के मामले में सबों को यही कहानी दोहराये जाने की आशंका है. जिला संघ ने अपनी ओऱ से अवनि के माता पिता और कोच को भी कहा है कि अभी खेल नियमों के अनुसार अवनि की सही उम्र नहीं है. समय से पहले इस तरह से खेल स्पर्धाओं में शामिल होने से बर्न आउट होने का खतरा रहता है. अधिकांश मामले में समय से पहले ही कैरियर खत्म हो जाता है.

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