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Aung San Suu Kyi Jailed:  नोबेल विजेता आंग सान सू की को 4 साल की जेल, जानें क्या लगे आरोप

जेल की सजा सुनाए जाने पर उच्च पद पर आसीन होने या सांसद-विधायक बनने से रोकता है संविधान

New Delhi : म्यांमार की अदालत ने नोबेल पुरस्कार विजेता नागरिक नेता आंग सान सू की को सेना के खिलाफ असंतोष भड़काने और कोविड नियमों का उल्लंघन करने के लिए चार साल जेल की सज़ा सुनाई है. इससे पहले अदालत को मंगलवार को फैसला सुनाना था. लेकिन एक अतिरिक्त गवाह को गवाही देने की अनुमति देने की वजह से अदालत की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी.

ये आरोप लगाये

76 साल की नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की पर भ्रष्टाचार सहित कई अन्य आरोपों में भी मुकदमे चल रहे हैं. आज उन्हें सेना के खिलाफ असंतोष भड़काने और कोविड नियमों का उल्लंघन करने के मामलों में सज़ा सुनाई गई है.

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सेना ने मतदान में धंधली का लगाया था आरोप

सू की के खिलाफ मामलों को व्यापक रूप से उन्हें बदनाम करने और अगला चुनाव लड़ने से रोकने के लिए साजिश के रूप में देखा जाता है. देश का संविधान किसी को भी जेल की सजा सुनाए जाने पर उच्च पद पर आसीन होने या सांसद-विधायक बनने से रोकता है. म्यामांर में गत नवंबर में हुए चुनाव में सू ची की पार्टी को एकतरफा जीत मिली थी, जबकि सेना से संबद्ध दल को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था. तब सेना ने मतदान में धंधली का आरोप लगाया था, लेकिन स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों को जांच में किसी बड़ी अनियमितता का पता नहीं चला.

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सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 1300 नागरिक मरे

सू की लोकप्रियता बरकरार है और उन्हें लोग आज भी सैन्य शासन के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक मानते हैं. सत्ता पर सेना के कब्जा किए जाने का देशव्यापी विरोध हुआ और इसे सुरक्षा बलों ने निर्ममता से कुचला. ”असिस्टेन्स एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स” के आंकड़े बताते हैं कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में करीब 1300 नागरिकों की जान गई.

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