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हाजिरी रिम्स में, डूयटी मंत्री जी के आवास पर

Vivek Sharma

Ranchi : राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल में इलाज कराने के लिए बिहार-झारखंड के अलावा अन्य राज्यों से मरीज आते है. जहां मरीजों को ठीक होने के बाद घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की भी जरूरत पड़ती है. रिम्स के पास पर्याप्त एंबुलेंस भी है. वहीं इसके संचालन के लिए ड्राइवरों की बहाली भी की गई है ताकि मरीजों को एंबुलेंस व अन्य वाहन मिलने में कोई परेशानी न हो. लेकिन रिम्स में एंबुलेंस होने के बावजूद मरीजों को इसके लिए भटकना पड़ता है. कभी ड्राइवर के नहीं होने का बहाना बनाया जाता है तो कभी रेट तय नहीं होने का. लेकिन सच्चाई यह है कि रिम्स के एक ड्राइवर की जिनकी हाजिरी तो रिम्स में बनती है लेकिन उनकी ड्यूटी मंत्री जी के आवास पर लगाई है. जिससे समझा जा सकता है कि जब रिम्स के ड्राइवर मंत्री जी के आवास पर ड्यूटी करेंगे तो मरीजों को सरकारी सुविधाएं कैसे मिल पाएगी.

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रिम्स के ड्राइवर की जरूरत क्यों ?

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता अपने विभाग के मुखिया है. मंत्री होने के नाते उन्हें सारी सुविधाएं भी सरकार की ओर से दी गई है. गाड़ी, ड्राइवर, बॉडीगार्ड के तमाम सुविधाएं उन्हें मिली है. इसके बावजूद रिम्स के ड्राइवर की ड्यूटी उनके आवास पर लगाई गई है. आखिर उन्हें रिम्स के ड्राइवरों की जरूरत क्यों पड़ गई. यह हम नहीं कह रहे है बल्कि रिम्स के ड्यूटी रोस्टर में यह बताया गया है. जिसमें रिम्स के एक ड्राइवर की ड्यूटी स्वास्थ्य मंत्री के आवासीय कार्यालय में लगाई गई है.

ड्राइवर को रिम्स करता है पेमेंट

स्वास्थ्य मंत्री के आवास में ड्यूटी करने वाले ड्राइवर की हाजिरी रिम्स में बनती है. जिसका भुगतान भी रिम्स प्रबंधन की ओर से किया जाता है. लेकिन पूरे महीने उसकी ड्यूटी मंत्री के यहां होती है. अगर एक और ड्राइवर रिम्स में उपलब्ध रहे तो मरीजों के परिजनों को वाहन मिलने में परेशानी नहीं होगी. वहीं इसका फायदा प्राइवेट एंबुलेंस वाले नहीं उठा सकेंगे.

इस मामले में रिम्स के सर्जन सह पीआरओ डॉ डीके सिन्हा का कहना है कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है. वरीय अधिकारी ही इसका रोस्टर तैयार करते है तो वहीं कुछ बता सकते है.

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