न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

यूपी-बिहार वासियों पर हमले : गुजरात में एसआरपी की 17 कंपनियां तैनात,  342  गिरफ्तार

साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर कस्बे में 28 सितंबर को एक मासूम बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद  गुजरात के कई इलाकों में यूपी-बिहार के लोगों पर हमले किये जा रहे हैं

223

Ahmedabad : गुजरात में एसआरपी की 17 कंपनियां संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गयी है. बता दें कि साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर कस्बे में 28 सितंबर को एक मासूम बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद  गुजरात के कई इलाकों में यूपी-बिहार के लोगों पर हमले किये जा रहे हैं. इस घटना के बाद राज्य के कई इलाकों में यूपी और बिहार के रहने वाले लोगों को राज्य छोड़ने का फरमान जारी किया गया. बढ़़ रहे हमलों के कारण सैकड़ों लोग गुजरात से पलायन कर गये. पलायन का सिलसिला जारी है. हिंसा को लेकर गुजरात के पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने बताया  कि एसआरपी की 17 कंपनियां संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी गयी है. कहा कि हिंसक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने एक्शन प्लान बनाया है. दावा किया कि अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर ली गयी है. खबरों के अनुसार गुजरात में पिछले एक सप्ताह से ठाकोर सेना नामक सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता साबरकांठा, मेहसाणा, गांधीनगर, अहमदाबाद सहित कई इलाकों में बसे यूपी और बिहार के लोगों पर हमलावर हैं.

इसे भी पढ़ें : 2019 लोकसभा चुनाव  : पीएम पद पर शरद पवार की नजर, मोदी चूके तो लग सकती है लॉटरी  

 पुलिस ठाकोर सेना को बदनाम कर रही है, 11 से उपवास करेंगे : अल्पेश ठाकोर

hosp3

बता दें कि औद्योगिक इकाइयों व फैक्टि्रयों में काम कर रहे श्रमिकों के साथ ठाकोर सेना द्वारा मारपीट की गयी है.   अब तक सैकड़ों परिवार गुजरात छोड़कर अपने राज्य लौट चुके हैं. शिवानंद झा के अनुसा  पुलिस द्वारा 42 मामले दर्ज कर 342 आरोपियों को गिरफ़तार किया गया है. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलानेवालों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है. इस संबंध में दो मामले दर्ज किये गये हैं. उधर, ठाकोर सेना के प्रमुख और विधायक अल्पेश ठाकोर ने आरोप लगाया कि सरकार व पुलिस ठाकोर सेना को बदनाम कर रही है.  ठाकोर ने कहा कि इन हमलों को लेकर उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज झूठे मामले यदि सरकार ने वापस नहीं लिये तो वे 11 अक्टूबर से सद्भावना उपवास करेंगे.

पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने पत्रकारों को जानकारी दी कि  मेहसाणा और साबरकांठा सबसे अधिक प्रभावित जिले है.प्रभावित क्षेत्रों में राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) की 17 कंपनियां तैनात की गयी हैं. डीजीपी ने कहा कि गैर-गुजरातियों के निवास वाले इलाकों और कारखानों में  सुरक्षा बढ़ा दी गयी है.  पुलिस ने इन इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी है. गांधीनगर में पुलिस अधिकारियों को शिविर लगाने और स्थानीय नेताओं के साथ संवाद कायम करने को कहा गया है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: