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वर्ष 2018 में महिलाओं पर अत्याचार के कांडों में आयी कमी : अपराध अनुसंधान विभाग

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  • अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड ने पिछले तीन सालों के अपराधों के आंकड़े किये पेश

Ranchi : अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड ने पिछले तीन साल के अपराध के आंकड़े पेश किये. इन आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016 और 2017 की तुलना में 2018 में कई अपराधों में कमी आयी, वहीं कई अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गयी.

महिला अत्याचार के कांडों में आयी कमी

डायन अधिनियम : डायन अधिनियम में 2016 में 688 मामले दर्ज हुए. 2017 में 668 मामले दर्ज हुए और 2018 में 481 मामले दर्ज हुए, जो कि पिछले दो साल की तुलना में कम है.

डायन हत्या : डायन हत्या 2016 में 40, 2017 में 42 और 2018 में मात्र 22 हुई, जो कि पिछले दो साल की तुलना में इस वर्ष कम है.

अपहरण : 2016 में अपहरण की 1117 घटनाएं हुईं. 2017 में 1276 और 2018 में 821 घटनाएं हुईं.

छेड़खानी : 2016 में महिलाओं के साथ छेड़खानी के 373 मामले , 2017 में 298 और 2018 में 268 मामले दर्ज हुए.

महिला प्रताड़ना : 2016 में महिला प्रताड़ना के 1144 मामले, 2017 में 927 और 2018 में 728 मामले दर्ज हुए.

दहेज अधिनियम : दहेज अधिनियम के केस 2016 में 1347, 2017 में 1408, 2018 में 1150 केस दर्ज हुए.

दहेज हत्या : 2016 में दहेज के लिए हत्या के 285 मामले, 2017 में 266 और 2018 में 228 मामले दर्ज हुए.

नारी हत्या : 2016 नारी हत्या के 418, 2017 में 506 और 2018 में 425 मामले दर्ज हुए. 2018 में दर्ज किया गया आंकड़ा 2016 के आंकड़े से अधिक और 2017 के आंकड़े से कम है.

बलात्कार : बलात्कार की घटनाएं जहां 2016 में 1087 और 2017 में 1322 हुईं. 2018 में बलात्कार की 1006 घटनाएं दर्ज हुईं, जो कि पिछले दो साल की तुलना में कम हुई.

2018 में मादक द्रव्य के ज्यादा कांड प्रतिवेदित हुए

कांड प्रतिवेदित : 2016 और 2017 की तुलना में 2018 में मादक द्रव्य के ज्यादा कांड प्रतिवेदित हुए. मादक द्रव्य के वर्ष 2016 में 140 कांड, वर्ष 2017 में 186 कांड और वर्ष 2018 में 221 कांड प्रतिवेदित हुए हैं.

मादक द्रव्य मामले में केस : मादक द्रव्य केस में वर्ष 2016 में 154, वर्ष 2017 में 165 और वर्ष 2018 में 279 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया.

गांजा की बरामदगी : वर्ष 2016 में 927.46 किलो, वर्ष 2017 में 678.42 किलो और वर्ष 2018 में 995. 25 किलो गांजा बरामद किया गया.

अफीम और गांजा की फसलों को नष्ट करना : वर्ष 2016 में 259.19 एकड़, वर्ष 2017 में 2676.2 एकड़ और वर्ष 2018 में 2160.85 एकड़ में लगी गांजा और अफीम की फसलों को नष्ट किया गया. वर्ष 2018 में वर्ष 2017 की तुलना में कम अफीम और गांजा की खेती नष्ट की गयी.

अफीम की बरामदगी : वर्ष 2016 में 66.76 किलो, वर्ष 2017 में 215.97 किलो और वर्ष 2018 में 148.26 किलो अफीम की बरामदगी हुई है. वर्ष 2018 में वर्ष 2017 की तुलना में कम अफीम की बरामदगी हुई.

अभियुक्तों को सजा : वर्ष 2016 में तीन, वर्ष 2017 में 10 और वर्ष 2018 में 12 अभियुक्तों को मादक द्रव्य केस में न्यायालय ने सजा दी.

त्वरित विचारण की तुलनात्मक उपलब्धि

अक्टूबर 2017 में अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा राज्य के प्रतिवेदित कांडों का त्वरित विचारण न्यायालय में प्रारंभ कराया गया. इसके अंतर्गत वर्ष 2017 में चयनित 501 कांडों में 512 अभियुक्तों को सजा, 128 अभियुक्तों को आजीवन कारावास और एक अभियुक्त को मौत की सजा सुनायी गयी, जो सजा का 67% है. वर्तमान में सजा का प्रतिशत 71 है. अभी शेष चयनित कांडों का विचारण किया जा रहा है.

अभियुक्तों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी सहित अन्य मामलों में हुई बढ़ोतरी

अभियुक्तों की गिरफ्तारी : वर्ष 2016 में 22239, वर्ष 2017 में 22126 और वर्ष 2018 में 27407 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई. वर्ष 2018 में पिछले दो वर्षों की तुलना में ज्यादा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई.

वारंट का निष्पादन : वर्ष 2016 में 82341, वर्ष 2017 में 110047 और वर्ष 2018 में 139572 वारंट का निष्पादन किया गया. वर्ष 2018 में पिछले दो सालों की तुलना में सबसे ज्यादा वारंट का निष्पादन किया गया.

कुर्की का निष्पादन : वर्ष 2016 में 7354, वर्ष 2017 में 7364 और वर्ष 2018 में 12993 कुर्की का निष्पादन किया गया. वर्ष 2018 में पिछले दो सालों की तुलना में सबसे अधिक कुर्की का निष्पादन किया गया.

नियमित अग्नेयास्त्र की बरामदगी : वर्ष 2016 में 26, वर्ष 2017 में 11 और वर्ष 2018 में 24 नियमित अग्नेयास्त्र की बरामदगी की गयी.

देसी अग्नेयास्त्र की बरामदगी : वर्ष 2016 में 566, वर्ष 2017 में 501 और 2018 में 494 देसी अग्नेयास्त्र की बरामदगी की गयी. वर्ष 2018 में पिछले दो सालों की तुलना में सबसे कम देसी अग्नेयास्त्र की बरामदगी हुई.

जिंदा गोली की बरामदगी : वर्ष 2016 में 2618, वर्ष 2017 में 1483 और वर्ष 2018 में 1500 जिंदा गोलियों की बरामदगी हुई.

साइबर अपराध में हुई बढ़ोतरी

कांड प्रतिवेदित : वर्ष 2016 में 440, वर्ष 2017 में 751 और वर्ष 2018 में 917 साइबर कांड प्रतिवेदित हुए. दो साल की तुलना में वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा साइबर कांड प्रतिवेदित हुए.

कांडों का निष्पादन : वर्ष 2016 में 124, वर्ष 2017 में 146 और वर्ष 2018 में 144 साइबर कांड का निष्पादन किया गया.

अभियुक्तों की गिरफ्तारी : वर्ष 2016 में 215, वर्ष 2017 में 604 और वर्ष 2018 में 435 साइबर अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई.

फ्रीज की गयी रकम : वर्ष 2016 में 17100000 रुपये, वर्ष 2017 में 4550000 रुपये और वर्ष 2018 में 21787000 रुपये फ्रीज किये गये. पिछले दो वर्षों की तुलना में वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा रकम फ्रीज की गयी.

जागरूकता प्रशिक्षण : साइबर अपराध की जागरूकता के लिए वर्ष 2017 में 1500 और वर्ष 2018 में 1800 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया.

लापता बच्चे के रेस्क्यू कराने की संख्या में आयी कमी

ऑपरेशन स्माइल और ऑपरेशन मुस्कान के तहत रेस्क्यू किये गये बच्चे : वर्ष 2016 में 916 बच्चे, वर्ष 2017 में 321 बच्चे और वर्ष 2018 में मात्र 51 बच्चों को रेस्क्यू कराया गया. पिछले दो वर्षों की तुलना में वर्ष 2018 में सबसे कम बच्चों को रेस्क्यू कराया गया.

बाल मित्र थाना का गठन : वर्ष 2016 में 27, वर्ष 2017 में 84 और वर्ष 2018 में 99 बाल मित्र थाना का गठन किया गया.

कार्यशाला का आयोजन : वर्ष 2016 में तीन, वर्ष 2017 में एक और वर्ष 2018 में चार कार्यशाला का आयोजन किया गया.

संगठित अपराध का ब्योरा

सीसीए के अंतर्गत प्रस्ताव समर्पित : वर्ष 2016 में 190, वर्ष 2017 में 188 और 2018 में 115 सीसीए के अंतर्गत प्रस्ताव समर्पित किये गये.

सीसीए के अंतर्गत निरुद्ध : वर्ष 2016 में 99, वर्ष 2017 में 80 और वर्ष 2018 में 56 अपराधियों को धारा 12(2), और 03(3A), के अंतर्गत निरुद्ध किया गया. वहीं, 39 गिरोहों के 704 अपराधियों में से 444 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया.

वर्ष 2018 में एटीएस की उपलब्धि

एटीएस द्वारा जाली नोटों के कारोबार में संलिप्त दो अपराधियों को दो हजार के 104 नोट कुल 208000 रुपये के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. राज्य भर में कई कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी में एटीएस द्वारा सहयोग किया गया है. वर्ष 2018 में दो कांड प्रतिवेदित हुए हैं.

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