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अटल वेंडर मार्केट : पार्षदों ने कहा हुई है गड़बड़ी, निगम आयुक्त ने सवालों का नहीं दिया जवाब, डिप्टी मेयर भी खामोश

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Ranchi :  कचहरी रोड में बने अटल वेंडर मार्केट की दुकानों के आवंटन में गड़बड़ी हुई या नहीं हुई. यह स्पष्ट ही नहीं हो पा रहा है कि आखिर हुआ क्या? अखबारों में खबर छपी कि गड़बड़ी हुई. लेकिन उप नगर आयुक्त ने कहा कि गड़बड़ी नहीं हुई.

इस बीच नगर निगम के आय़ुक्त ने कुछ दुकानों का आवंटन रद्द भी किया. जब गड़बड़ी ही नहीं हुई थी तो रद्द क्यों किया. और रद्द किया  तो आवंटन में गड़बड़ी के लिये सिस्टम का कोई ना कोई तो जिम्मेदार होगा ही.

बहरहाल  इस मामले में ना ही नगर निगम के आय़ुक्त मनोज कुमार जवाब दे रहे हैं और ना ही डिप्टी मेयर. न्यूज विंग ने नगर आयुक्त से उनका पक्ष लेने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह कह दिया कि अपर नगर आयुक्त से भेंट कर लें. न्यूज विंग ने उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर के   “whatsapp” पर उन्हें सवाल भेजे.

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इसका भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. उनका जवाब आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जायेगा. वहीं इस मामले में नगर निगम के डिप्टी मेयर संजीव विजय वर्गीय भी खामोश हैं.

न्यूज विंग ने जब निगम के पार्षदों से बात की, तो वह गड़बड़ी होने की पुष्टी कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नगर निगम के जिम्मेदार (आयुक्त मनोज कुमार और डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय) क्यों खामोश हैं. कहीं निगम परिसर में चल रहे उस चर्चा की वजह से तो नहीं, जिसमें कहा जा रहा है गड़बड़ी के लिये जो जिम्मेदार है, वह किसी वरिष्ठ आइएएस का रिश्तेदार है.

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नहीं मिला नगर आयुक्त का जवाब

पूरे मामले पर न्यूज विंग ने नगर आयुक्त मनोज कुमार से दुकान आवेटन में हुई धांधली पर  कुछ सवाल सोशल मीडिया “whatsapp” के द्वारा किया था. पूछे गये सवालों की संख्या तीन थी. लेकिन नगर आयुक्त के द्वारा इसका कोई जवाब भी नहीं आ सका. ये थे सवाल.

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सवाल…1-  वेंडर मार्केट में क्या किसी तरह की कोई गड़बड़ी हुई है.

सवाल…2-  अगर गड़बड़ी हुई है, तो उसपर क्या जांच की गयी. अगर हां, तो क्या कार्रवाई की गयी.

सवाल…3-  टीवीसी सदस्यों के मुताबिक बैकडोर से कई दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गयीं. मीडिया में भी यह खबर लगातार छपी थी. क्या वाकई ऐसा हुआ है या मीडिया की खबर पूरी तरह से गलत है.

जानिए, मामले पर जनप्रतिनिधियों ने संवाददाता को क्या कहा

वार्ड नंबर 26 के पार्षद अरूण झा का कहना है कि अटल वेंडर मार्केट में कोई गड़बड़ी हुई होगी, तो आने वाले बोर्ड बैठक में पार्षद दूध का दूध और पानी का पानी करने का काम करेंगे. दुकान आवंटन में अगर कोई सर्वे हुआ है और जो दुकानें आवंटित हुई हैं, उसमें यदि कोई भी अंतर आया तो फिर बोर्ड की बैठक में बैंड बजेगा.

जो जनप्रतिनिधि या अधिकारी इसके पीछे होंगे, उनपर कार्यवाई करने का हमलोग दबाव डालेंगे. दुकान आवंटन में गड़बड़ी करने में एक आइएएस अधिकारी के रिश्तेदार का नाम चर्चा में है, इसपर अरूण झा ने कहा कि सीएम या पीएम हो या कोई अन्य अधिकारी. जो भी दोषी हैं, उसपर कानून सम्मत कार्यवाई होनी चाहिए.

वार्ड 16 की पार्षद नाजिमा रजा ने बताया कि कहीं ना कहीं धांधली पर कोई लीपापोती तो हो ही रही है. साथ ही कहा कि नगर निगम एक ऐसी संस्था है, जो पूरे शहर को कमांड करता है. जब वह अपने कमांड को ही गंवा देंगे, तो अंतिम विकल्प के तौर पर पीड़ित कोर्ट का दरवाजा ही खटखटाएंगे. निगम को चाहिए कि वर्षों से फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को दुकान आवंटित करें, इसमें पारदर्शिता दिखनी चाहिए, जो कि नहीं दिख रहा.

वार्ड 21 के पार्षद एहतेशाम का कहना है कि मार्केट में यह जांच का विषय तो बनता ही है कि लिस्ट में कितने ऐसे दुकानदार हैं, जो फुटपाथ पर दुकान लगाते हैं. साथ ही कितने ऐसे हैं, जिनका पैरवी के बाद नाम चढ़ा दिया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकारा कि फुटपाथ दुकान एसोसिएशन दो- तीन गुट में बंटे हुए हैं. जिस गुट के आदमी का नाम लिस्ट में नहीं है, वे ही धांधली का आरोप लगा रहे हैं. लेकिन सही जानकारी तो दुकान आवंटन में बने वीडियो क्लिप से ही पता चल पाएगा.

वार्ड 10 के पार्षद अर्जुन कुमार यादव ने कहा कि गत वर्ष नवंबर महीने में ही सीएम रघुवर दास ने मार्केट का उद्घाटन किया था. छह माह होने को हैं, लेकिन अभी तक इसे बसाया नहीं जा सका है. मार्केट को जल्द बसाने के सीएम के निर्देश को नगर आयुक्त अनदेखा कर रहे हैं. हो रही देरी को देख लगता है कि कहीं ना कहीं कोई गड़बड़ी तो हुई है. गडबड़ी में निगम के अधिकारी तो जरूर ही शामिल हैं,  इससे इनकार नहीं किया जा सकता. मार्केट परिसर में मेंटेनेंस का काम देखने वाली कंपनी को पार्षदों के विरोध को अनदेखा कर काम दिया गया. ऐसा करने में निगम के अधिकारियों का व्यक्तिगत हित जुड़ा था.

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बयान देने से बचते दिखे डिप्टी मेयर

चुनावी माहौल को देखते हुए दुकान आवंटन में धांधली होने के सवाल पर डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय बयान देने से बचते रहे. तो वहीं मेयर आशा लकड़ा से संपर्क करने की कोशिश की गयी. लेकिन उनका फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बता रहा था.

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