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अटल स्मृति वेंडर मार्केट का नाम फिर से जयपाल सिंह रखा जाये: सरना समिति

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राज्य के महापुरूषों की विरासत को मिटाने का काम कर रही सरकार

Ranchi: राज्य की संस्कृति को मिटाने का प्रयास कर रही वर्तमान सरकार. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के नाम को बदल कर अटल स्मृति वेंडर मार्केट करना उचित नहीं. राज्य के महापुरूषों के विरासत को मिटा कर इस तरह से संस्कृति को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. जो उचित नहीं है. उक्त बातें केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने एक दिवसीय धरना के दौरान कहा. उन्होंने कहा कि समिति अटल बिहारी नाम रखने का विरोध नहीं कर रही, लेकिन इसका विरोध कर रही है कि जयपाल सिंह मुंडा का नाम क्यों बदला गया. उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व से अटल स्मृति का नाम जयपाल सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता रहा है. राज्य के प्रतीक को इस तरह से नहीं बदलना चाहिये.

प्रमाण पत्रों की कठिनाई दूर की जायें

अजय तिर्की ने कहा कि राज्य के युवाओं को जातीय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में विभिन्न कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार ने ऑनलाइन सब कुछ कर दो दिया, लेकिन फिर भी ससमय युवाओं को कुछ भी नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि रोजगार और अन्य जरूरतों को देखते हुए इन कठिनाईयों पर गौर किया जाये. साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा नियुक्ति रद्द किया जाये, क्योंकि इसमें काफी संख्या में बाहरी लोगों का नाम आया है.

आदिवासियों के साथ किया जा रहा भेदभाव

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महासचिव संतोष तिर्की ने कहा कि आरक्षण समाप्त करने के लिए सरकार साजिश कर रही है. आदिवासी और ईसाई को लड़ाने का काम किया जा रहा है. यदि ऐसा नहीं होता तो सरकार कब का सरना धर्म कोड लागू कर दी होती. उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, महिलाओं को दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है. इस पर सरकार कुछ नहीं कर रही.

ये मांग किये गये

मौके पर समिति के सदस्यों ने सरकार का पुरजोर विरोध करते हुए सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की. इसके साथ ही झारखंड राज्य अनुसूचित जनजाति सहकारी निगम लिमिटेड का नाम बदल कर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक एवं पिछड़ी जाति सहकारी निगम लिमिटेड किया जाये, जेएसएससी में हो रहे धांधली बंद किये जायें, स्थानीय नीति लागू किया जाये.

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