न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सीएचजी के सम्मेलन में सुषमा ने कहा, आतंकवाद विकास और समृद्धि के लिए सबसे बड़ा खतरा

स्वराज एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद (सीएचजी) के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए यहां आयी हैं.

98

Dushanbe : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि आतंकवाद विकास और सृमद्धि के लिए जबरदस्त खतरा है और उन्होंने पाकिस्तान सहित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी समझने और आपस में सहयोग करने की अपील की है.  सुषमा मध्य एशिया के देश ताजिकिस्तान की राजधानी  दुशांबे में बोल रही थीं. सुषमा स्वराज ने 50 अरब डॉलर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा(सीपीईसी) के स्पष्ट संदर्भ में कहा कि संपर्क की सभी पहल संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, विचार विमर्श, सुशासन, पारदर्शिता,व्यवहार्यता और निरंतरता के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए. भारत ने सीपीईसी परियोजनाओं का विरोध किया है और चीन के समक्ष विरोध दर्ज कराया है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है.

इसे भी प #MeToo पर मेनका गांधी ने कहा जांच के लिए बनायी जाएगी 4 सदस्‍यीय कमेटी

आतंकवाद पैर पसार रहा है

स्वराज एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद (सीएचजी) के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए यहां आयी हैं. उन्होंने कहा,आतंकवाद विकास और समृद्धि के हमारे साझा लक्ष्यों के लिए सबसे बड़ा खतरा है. विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की मौजूदगी में कहा कि चूंकि आतंकवाद पैर पसार रहा है तो सरकारों को अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी समझनी चाहिए और एक दूसरे से सहयोग करना चाहिए. स्वराज ने कहा, हम सब को वैश्वीकरण से लाभ हुआ है.  हमें अपना व्यापार और निवेश सहयोग आगे बढ़ाना चाहिए.  हम खुले, स्थाई अंतरराष्ट्रीय व्यापार तंत्र का समर्थन करते हैं जो विश्व व्यापार संगठन की केन्द्रीयता पर आधारित हो. उन्होंने कहा कि भारत ने क्विंगदाओ में एससीओ सम्मेलन में शामिल नेताओं की युवाओं को कट्टरपंथ में धकेलने के खिलाफ अपील का खुलकर समर्थन किया था.

इसे भी पढ़ेंः45 प्रमोटी IAS मेन स्ट्रीम से बाहर, सिर्फ दो को ही मिली है जिले की कमान, गैर सेवा से आईएएस बने दो अफसर हैं डीसी

भारत ने आतंकवाद विरोधी अभ्यासों में हिस्सा लिया है

साथ ही उन्होंने एससीओ शांति मिशन 2018 के सफलता पूर्वक संपन्न होने के लिए अपने सहयोगियों को बधाई दी. यह पहली बार है जब भारत ने इन आतंकवाद विरोधी अभ्यासों में हिस्सा लिया है. विदेश मंत्री ने कहा कि भारत उस शांति प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है जो अफगानिस्तान की अगुवाई में, अफगानिस्तान का और अफगानिस्तान नियंत्रित हो, और जो अफगानिस्तान को शांतिपूर्ण, सुरक्षित,स्थाई, समग्र और आर्थिक रूप से जीवंत देश के रूप में सामने लाये; उन्होंने कहा, इस परिप्रेक्ष्य में हम क्विंगदाओ सम्मेलन से इतर एससीओ-अफगानिस्तान कॉन्टैक्ट ग्रुप के प्रोटोकाल पर हस्ताक्षर का स्वागत करते हैं.  हमें अगले वर्ष भारत में एससीओ-अफगानिस्तान कॉन्टैक्ट ग्रुप की बैठक अफगानिस्तान के साथ मिल कर करने में प्रसन्नता होगी. उन्होंने कहा कि भारत सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा विकल्प के क्षेत्र में एससीओ में मिल कर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.

विदेश मंत्री ने कहा, भारत संपर्क बढ़ाने के एससीओ सदस्यों की इच्छा को साझा करता है. संपर्क की सभी पहल संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, विचार विमर्श, सुशासन, पारदर्शिता,व्यवहार्यता और निरंतरतता के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए. जून 2017 में भारत का एससीओ का पूर्णकालिक सदस्य बनने के बाद यह सीएचजी की दूसरी बैठक है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.


हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: